Jau bone ka sahi tarika : हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। मां के भक्त नवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं साथ ही पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं । इन नौ दिनों तक पूरा भारत मां की भक्ति में डूबा रहता है। चैत्र मास की नवरात्रि 22 मार्च से शुरू हो रही हैं और 30 मार्च नवमी को समाप्त होगी। नवरात्रि में पूजा पाठ का बहुत महत्व है। नवरात्रि पूजा की अहम विधि है जौ या ज्वारे बोना। नवरात्रि में जौ उगाए जाते हैं और उनकी विशेष पूजा होती है। मान्यता है कि जौ जितनी ज्यादा हरे भरे होते हैं मां की कृपा उतनी ही ज्यादा आप पर बरसती है। जौ को मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। कई बार गलत तरीके से जौ बौने के कारण जौ अच्छे से उग नहीं पाते और हरे भरे नहीं होते। लेकिन, इस बार आप चिंता न करें हम लाए हैं आप लिए जौ बोने का खास तरीका जिससे जौ हरे भरे और ज्यादा जल्दी से उगेंगे।
नवरात्रि में हरे-भरे जौ बोने के लिए अपनाएं ये तरीका
जौ बोने का सही तरीका
1. जौ मां दुर्गा का प्रतीक है जौ को मां दुर्गा का रूप भी कहा जाता है।
2. जौ बोने के लिए सबसे पहले एक मिट्टी का बर्तन, बालू मिट्टी, जौ के दाने लें।
3. मिट्टी के बर्तन को जल से अच्छे से साफ कर लें और इसकी तली में स्वास्तिक बनाएं।
4. किसी पवित्र नदी की बालू मिट्टी लें और छानकर सारे कंकर साफ कर लें।
5. मिट्टी के पात्र में बालू मिट्टी डालें ,अब इसमें जौ के दाने डालकर अच्छे से मिला दें।
6. गंगाजल या साफ पानी लें और मिट्टी पर थोड़ा सा डाल दें , अब जौ को मिट्टी में अच्छे से मिला दें।
7. मिट्टी पात्र में कलश स्थापना करें , चाहें तो कलश को अलग भी स्थापित कर सकते हैं।
8. रोजाना जौ में थोड़ा थोड़ा पानी डालें। जौ में ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिए ।
9. अगर आपके घर में चूहे हैं तो जौ को उनसे दूर रखें, चूहे जौ को खा जाते हैं।
10. 3 से 4 दिन बाद जौ बढ़ने लगेंगे, इसे मोली से बांध दें ।
नवरात्रि में जौ बोने का महत्व
प्राचीन मान्यता अनुसार जौ ही पृथ्वी की सबसे पहली फसल थी इसे अन्नपूर्णा के रूप में पूजा जाता है अन्नपूर्णा देवी दुर्गा का प्रतीक है। इसलिए नवरात्रि में जौ बोने का अत्यधिक महत्व है । नवरात्रि में जौ बोने में मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है ।घर में समृद्धि और वृद्धि आती है।
