नवरात्रि 2025: देश में स्कंदमाता के मंदिर कहां-कहां पर हैं, मनोकामना पूर्ति की चाह से पहुंचते हैं भक्त

Navratri 2025: नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा होती है। इनको मनोकामना पूरी करने वाली और मोक्ष प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। स्कंदमाता को काशी की रक्षक देवी भी कहा गया है। देश में कई मंदिर उनको समर्पित हैं। जानें इस बारे में।

Navratri 2025: नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पावन अवसर है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधिवत पूजा-अर्चना होती है। इन्हें मोक्ष प्रदान करने वाली और समस्त इच्छाओं की पूर्ति करने वाली देवी माना जाता है। देश के कई राज्यों में मां स्कंदमाता को समर्पित भव्य और प्राचीन मंदिर स्थापित हैं, जिनका ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व है।

skandmata temples

स्कंदमाता के मंदिर कहां-कहां पर हैं (Pic: Pinterest)

देवी स्कंदमाता के प्रसिद्ध मंदिर

1. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जगतपुरा क्षेत्र स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर में मां स्कंदमाता का मंदिर है। इसका उल्लेख काशी खंड और देवी पुराण में मिलता है। मान्यता है कि प्राचीन समय में देवासुर नामक राक्षस ने काशी में संतों और आम लोगों पर अत्याचार करना शुरू किया था, तब मां स्कंदमाता ने उस दानव का वध कर धर्म की रक्षा की। उसी समय से यहां माता की पूजा होती है। कहा जाता है कि माता यहां विराजमान होकर काशी की रक्षा करती हैं और अपने भक्तों को हर बुरी शक्ति से बचाती हैं।

End of Feed