Ambe Mata Ki Aarti (अंबे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली, अंबे जी की आरती लिखी हुई): नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए खास माना जाता है। इसलिए इस दौरान भक्त विधि विधान व्रत पूजन करते हैं। कहते हैं नवरात्रि में जो सच्चे मन से मां की भक्ति करता है उसके जीवन की सारी परेशानियों का अंत हो जाता है। अगर आप भी माता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो नवरात्रि में इस आरती और मंत्र को जरूर पढ़ें। यहां देखें नवरात्रि आरती और मंत्र लिरिक्स।
Navratri 2024 Aarti, Maa Kali Ki Aarti
अंबे माता की आरती Lyrics (Ambe Mata Ki Aarti In Hindi)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||
तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी |
दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी ||
सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली |
दुखिंयों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||
माँ बेटे का है इस जग में, बड़ा ही निर्मल नाता |
पूत कपूत सूने हैं पर, माता ना सुनी कुमाता ||
सब पर करुणा दरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली ||
दुखियों के दुखडे निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||
नहीं मांगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना |
हम तो मांगे माँ तेरे मन में, इक छोटा सा कोना ||
सबकी बिगडी बनाने वाली, लाज बचाने वाली |
सतियों के सत को संवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ||
नवरात्रि मंत्र (Navratri Mantra)
1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
3. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
4. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’
