Chandra Gochar 2026 : ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं, निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन का कारक माना जाता है, जबकि राहु भ्रम, अचानक घटनाएं, तनाव, मोह और अप्रत्याशित परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा और राहु एक ही राशि में आ जाते हैं तो ग्रहण योग बनता है। यह योग व्यक्ति की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता और कार्यों पर प्रभाव डाल सकता है। 4 जुलाई 2026 की सुबह 12 बजकर 48 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जहां राहु पहले से ही विराजमान हैं। दोनों ग्रहों की युति से ग्रहण योग का निर्माण हुआ है, जिसका प्रभाव लगभग दो दिनों तक रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
चंद्रमा ने बनाया ग्रहण योग
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए यह योग कर्म भाव को प्रभावित करेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों के साथ मतभेद या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। नौकरी या व्यापार में जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी दे सकता है। अपनी प्रतिष्ठा और कार्यशैली पर विशेष ध्यान दें।
उपाय: दूध मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें और सफेद मिठाई का दान करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह योग अष्टम भाव में बनेगा। अचानक खर्च, मानसिक तनाव या स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं। वाहन चलाते समय और आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखें। किसी भी जोखिम वाले निवेश से दो दिनों तक बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें और जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए ग्रहण योग सप्तम भाव में बनेगा। दांपत्य जीवन, साझेदारी और रिश्तों में गलतफहमी की संभावना बढ़ सकती है। बिजनेस पार्टनर या जीवनसाथी के साथ बातचीत में संयम रखें। किसी भी विवाद को बढ़ाने से बचें।
उपाय: भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें तथा चंद्रमा को कच्चे दूध मिश्रित जल का अर्घ्य दें।
कुंभ राशि
चंद्रमा और राहु की युति आपकी ही राशि में बन रही है, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक महसूस हो सकता है। मन में भ्रम, बेचैनी और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में भी मन पूरी तरह केंद्रित नहीं रह पाएगा। किसी की बातों में आकर बड़ा फैसला लेने से बचें।
उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए ग्रहण योग द्वादश भाव में बनेगा। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं। विदेश, अस्पताल या कानूनी मामलों से जुड़े लोगों को सतर्क रहना चाहिए। पर्याप्त आराम लें और भावनाओं में बहकर कोई बड़ा आर्थिक निर्णय न लें।
उपाय: शिव मंदिर में बेलपत्र अर्पित करें और रात में चंद्रमा के दर्शन कर 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें।
ग्रहण योग के दौरान क्या करें
ग्रहण योग का प्रभाव स्थायी नहीं होता, लेकिन इन दो दिनों में धैर्य और संयम रखना सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। बिना सोचे-समझे बड़े फैसले न लें, क्रोध और भ्रम से बचें तथा भगवान शिव की आराधना करें। चंद्रमा और राहु से जुड़े अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शिव उपासना, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और सफेद वस्तुओं का दान शुभ माना गया है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
