Mokshada Ekadashi Vrat Katha: गीता जयंती से जुड़ी है मोक्षदा एकादशी की व्रत कथा, हिंदी में पढ़ें पौराणिक कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 3, 2022, 07:45 AM IST

Mokashada Ekadashi 2022 Vrat Katha in Hindi: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोक्षदा एकादशी का व्रत बहुत ही फलदाई होता है। साल 2022 में यह व्रत 03 दिसंबर 2022, को रखा जाएगा। बता दें मोक्षदा एकादशी का व्रत में कथा पढ़नें से भगवान विष्णु जल्द प्रसन्न हो जाते है। यहां पढ़ें मोक्षदा एकादशी की कथा हिंदी में।

Mokashada Ekadashi 2022 Vrat Katha in Hindi: हिंदू धर्म में वैसे तो हर एकादशी का खास महत्व है। लेकिन मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी यानी मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) का एक विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता हैं कि इस व्रत को करने से ना केवल पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं, बल्कि व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मोक्षदा एकादशी का व्रत बहुत ही फलदाई माना जाता है। साल 2022 में यह व्रत 03 दिसंबर को रखा जाएगा। बता दें इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन का मोह भंग करने के लिए कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश (Gita Jayanti) दिया था।

Mokshada Ekadashi Vrat Katha: गीता जयंती से जुड़ी है मोक्षदा एकादशी की व्रत कथा, हिंदी में पढ़ें पौराणिक कहानी

इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो हर व्रत में कथा पढ़ना आवश्यक होता है। इसलिए यदि आप मोक्षदा एकादशी का व्रत (Mokshada Ekadashi Vrat) रखने की सोच रहे हैं, तो आप यहां बताई गई कथा जरूर पढ़ें। इस कथा को पढ़ने से ना केवल आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होगी, बल्कि भगवान विष्णु बहुत जल्द प्रसन्न भी हो जाएंगे। तो चलिए व्रत करने से पहले मोक्षदा एकादशी की कथा जान लें।

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