Mauni Amavasya 2025: जो लोग सफलता पाना चाहते हैं उनके लिए यह अमावस्या वरदान है। इस अमावस्या को व्रत रखकर विशेष पूजा पाठ करके भंडारा करना चाहिए। जिनके पितरों में किसी की कभी अकाल मृत्यु हुई है वो इस दिन विशेष तांत्रिक अनुष्ठान भी कर सकते हैं। त्रिपिंडी श्राद्ध भी करवा सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष हो वो आज त्रिपिंडी श्राद्ध करके उसकी शांति करवा सकते हैं।
Mauni Amavasya 2025 Pitra Dosh Nivaran
भगवान को प्रसन्न करने का उत्तम समय है मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya Par Kya Kare)
इस दिन दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके दान पुण्य करना चाहिए। संकटों से मुक्ति के लिए श्री रामचरितमानस में सुंदरकांड का पाठ करना बहुत ही लाभकारी होता है। इस दिन नदी में स्नान करते समय गायत्री मंत्र का जप करते रहें तथा स्नान के उपरांत नदी के तट पर पवित्र आसन पर बैठकर गीता का पाठ करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। संगम स्नान का है विशेष महत्व है।
मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त 2025 (Mauni Amavasya Shubh Muhurat 2025)
अभिजीत-12:09am से 12:50pm
अमृत काल-04:20pm से 05:51pm
विजय मुहूर्त-02:22 pm से03:04pm
निशा मुहूर्त में करें तांत्रिक अनुष्ठान तथा माता काली पूजा
रात्रि 11 बजकर 42 मिनट पूरी रात्रि तक पूजा हो सकती है।
विजय मुहूर्त में करवाएं बंगलामुखी अनुष्ठान
राजनीति में विजय प्राप्ति हेतु तथा किसी भी प्रकार की बाधाओं को समाप्त करने के लिए विजय मुहूर्त में बंगलामुखी पूजा आरम्भ कराकर सकुशल विधिवत सम्पन्न कराने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
अभिजीत तथा अमृत काल में करें विष्णु पूजा
इस शुभ मुहूर्त में बृहस्पति तथा चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें। महामृत्युंजय मंत्र भी फलदायी है। इस समय श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ बहुत लाभ देता है।
