Mata Ki Aarti (Jai Ambe Gauri): जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

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  • Updated Oct 4, 2022, 05:48 AM IST

Navratri Mata Aarti: नवरात्रि के पावन त्योहार में मां अंबे की ये आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। मान्यता है जो भक्त सच्चे मन से मां दुर्गा की इस आरती का गान करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

Navratri 2022 (Jai Ambe Gauri Aarti Lyrics): नवरात्रि का पावन त्योहार हिंदू धर्म के लोगों के लिए बेहद खास होता है। ये पर्व पूरे नौ दिनों तक रहता है। नवरात्रि के हर दिन मां अंबे के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधि विधान पूजा की जाती है। कई लोग इस दौरान व्रत रखते हैं। घर में कलश स्थापना की जाती है। साथ ही कई घरों में इन नौ दिनों में मां के नाम की अखंड ज्योत भी जलायी जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति इस दौरान मां की सच्चे मन से अराधना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यहां आप देखेंगे मां अंबे की वो आरती जिसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।

mata ki aarti

माता रानी के आरती (Mata Rani Aarti)

माता की आरती (Mata Aarti)

जय अम्बे गौरी,

मैया जय श्यामा गौरी ।

तुमको निशदिन ध्यावत,

हरि ब्रह्मा शिवरी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

मांग सिंदूर विराजत,

टीको मृगमद को ।

उज्ज्वल से दोउ नैना,

चंद्रवदन नीको ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कनक समान कलेवर,

रक्ताम्बर राजै ।

रक्तपुष्प गल माला,

कंठन पर साजै ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

केहरि वाहन राजत,

खड्ग खप्पर धारी ।

सुर-नर-मुनिजन सेवत,

तिनके दुखहारी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कानन कुण्डल शोभित,

नासाग्रे मोती ।

कोटिक चंद्र दिवाकर,

सम राजत ज्योती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,

महिषासुर घाती ।

धूम्र विलोचन नैना,

निशदिन मदमाती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,

शोणित बीज हरे ।

मधु-कैटभ दोउ मारे,

सुर भयहीन करे ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,

तुम कमला रानी ।

आगम निगम बखानी,

तुम शिव पटरानी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,

नृत्य करत भैरों ।

बाजत ताल मृदंगा,

अरू बाजत डमरू ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

तुम ही जग की माता,

तुम ही हो भरता,

भक्तन की दुख हरता ।

सुख संपति करता ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥

भुजा चार अति शोभित,

वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]

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