Masik Kalashtami 2023: कालाष्टमी हर माह कृष्ण पक्ष अष्टमी के दिन मनाई जाती है। आश्विन मास कालाष्टमी 6 अक्टूबर 2023, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। कालाष्टमी व्रत के दिन काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन शिवालयों और मठों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है जिसमें भगवान शिव के रूप में काल भैरव का आह्वान किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बाबा काल भैरव की पूजा करने से सभी प्रकार के दोष, पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं। इनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों, जादू-टोने, भूत-प्रेत आदि का भय नहीं रहता। साथ ही लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं बाबा काल भैरव की पूजा विधि और महत्व के बारे में।
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कालाष्टमी पूजा विधि ( Masik Kalashtami 2023 Puja Vidhi)
कालाष्टमी व्रत के दौरान वह सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करते हैं।फिर अपने मंदिर या घर में किसी चौकी पर बाबा काल भैरव की तस्वीर लगाएं।
इस दिन हम भगवान शिव और माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित करते हैं।
इसके बाद पूरे विधि- विधान के साथ पूजा करें।
पूजा के दौरान घर के मंदिर में दीपक जलाएं आरती करें और
हाथ में गंगाजल लेकर बाबा काल भैरव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
काल भैरव को दूध, दही, धूप, दीप, फल, फूल, पंचामृत आदि चढ़ाया जाता है।
पूजा के दौरान काल भैरव को उड़द की दाल और सरसों का तेल चढ़ाएं।
