Mangla Gauri Vrat Katha: मंगला गौरी व्रत की पावन कथा से जानिए इसका महत्व

Mangla Gauri Vrat Katha: आज मंगला गौरी व्रत है। शादीशुदा स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए माता गौरी का व्रत रखती हैं। जानिए मंगला गौरी व्रत की कथा।

Mangla Gauri Vrat Katha: सावन के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। ये व्रत माता पार्वती की कृपा पाने के लिए किया जाता है। मान्यता है इस व्रत को करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं अनुसार सावन के महीने में माता पार्वती ने कठोर तपस्या से और व्रत रखकर भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त किया था इसलिए सावन के मंगलवार में शादीशुदा स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए माता गौरी का व्रत रखती हैं। जानिए मंगला गौरी व्रत की कथा।

मंगला गौरी व्रत कथा (Mangla Gauri Katha)

एक समय की बात है एक शहर में धरमपाल नाम का व्यापारी रहता था। जो काफी धनवान था। समाज में उसका काफी मान-सम्मान किया जाता था लेकिन फिर भी वह दुखी रहता था। उसके दुखा कारण था उसकी कोई संतान न होना। वो भगवान शिव का बड़ा भक्त था। शिव जी की कृपा से उसे कई सालों बाद एक पुत्र की प्राप्ति हुई। लेकिन वो अल्पायु था।

End of Feed