यहां देवी-देवता नहीं, अखंड भारत की होती है पूजा, बेहद खास है वाराणसी का भारत माता मंदिर

Bharat Mata Mandir: मंदिर का उद्घाटन 25 अक्टूबर 1936 को महात्मा गांधी ने किया था। उद्घाटन के समय गांधी ने कहा था कि यह मंदिर भारत की एकता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बनेगा।

वाराणसी में मंदिरों की कोई कमी नहीं है। यहां हर गली में कोई न कोई देवता विराजमान मिल जाते हैं। वहीं इसी शहर में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां न भगवान की मूर्ति है, न घंटों लंबी आरती और न ही सोने-चांदी से सजा गर्भगृह। यहां पूजा होती है पूरे भारत की। फर्श पर उकेरा गया भारत का विशाल नक्शा ही इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान है। यही वजह है कि भारत माता मंदिर को देश के सबसे अनोखे मंदिरों में गिना जाता है।

Bharat Mata Mandir

Mandir Darshan: जानिए वाराणसी का भारत माता मंदिर क्यों है इतना खास (Photo: Banaras/fb)

आजादी के आंदोलन से जुड़ा है इसका इतिहास

यह मंदिर आजादी की लड़ाई की याद भी समेटे हुए है। इसका निर्माण स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी बाबू शिव प्रसाद गुप्त ने करवाया था। वे चाहते थे कि ऐसा स्थान बने, जहां लोग किसी एक धर्म या देवी-देवता के बजाय पूरे देश को अपनी मां मानकर सम्मान दें।

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