Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख और प्राचीन सौर पर्व है, जो हर साल जनवरी के मध्य में मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देव के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने (संक्रांति) का उत्सव है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण (यानि उत्तर दिशा की ओर बढ़ना) शुरू करते हैं, जिससे दिन लंबे होने लगते हैं, ठंड कम होती है और प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। इसे उत्तरायण पर्व, खिचड़ी, पोंगल या माघी जैसे नामों से भी जाना जाता है।
मकर संक्रांति की पौराणिक कथा
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?
जब सूर्य दक्षिण दिशा में गमन करते हैं तो वो देवताओं की रात्रि का समय होता है। वहीं, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उत्तरदिशा में गमन करने लगते हैं, सूर्य उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गयाहै। उत्तरायण से खरमास (अशुभ काल) समाप्त होता है और विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। यह सूर्य देव को समर्पित पर्व है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि मिलती है। सूर्य की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
यह भारत का प्रमुख फसलों का त्योहार है। इस दिन नए अनाज की कटाई का जश्न मनाया जाता है। लोग नए अन्न से खिचड़ी बनाते हैं और परिवार के साथ मिलकर खुशी मनाते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तिल, गुड़, कंबल, चावल आदि का दान और सूर्य पूजा से पाप नष्ट होते हैं व पुण्य फल मिलता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान दोगुना फल देता है।
मकर संक्रांति के पीछे की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र मकर राशि के स्वामी शनिदेव (से मिलने जाते हैं। सूर्य और शनि पिता-पुत्र होने के बाद भी आपस में शत्रुता रखते हैं, लेकिन इस दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनि को माफ करते हैं और उनके घर पहुंचते हैं और पिता-पुत्र का मिलन होता है। यह मिलन सुलह और पारिवारिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर देवताओं के लिए दिन शुरू करते हैं, जिससे सूर्य की ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में नई शुरुआत होती है।
2026 में मकर संक्रांति कब है?
साल 2026 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर कुछ भ्रम है। दरअसल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार को दोपहर लगभग 3:13 बजे होगा। इस कारण दान और स्नान का कार्य 15 जनवरी के दिन किया जाएगा। ऐसे में 15 जनवरी 2026 को ही संक्रांति मनाना शास्त्र सम्मत है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
