Mahalaxmi Ki Aarti, Mahalaxmi Vrat Puja Aarti Lyrics in Hindi, Aarti Mahalaxmi Ji Ki Lyrics Likhit Main: महालक्ष्मी पर्व 16 दिनों तक चलता है जिसका समापन आश्विन मास की अष्टमी तिथि पर होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि विधान माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। कहते हैं महालक्ष्मी व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। इस दिन लोग लक्ष्मी जी को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं। साथ उनकी आरती उतारते हैं। चलिए आपको बताते हैं महालक्ष्मी की आरती के लिरिक्स।
Mahalaxmi Aarti Lyrics
महालक्ष्मी की आरती (Mahalaxmi Ki Aarti)
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।
हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥
पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।
सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता ।
सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी, भव निधि की त्राता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता ।
उँर आंनद समाता, पाप उतर जाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
महालक्ष्मी व्रत का महत्व (Mahalaxmi Vrat Ka Mahatva)
महालक्ष्मी व्रत पूरे 16 दिनों तक रखा जाता है। इस व्रत में व्रत वाला भोजन किया जाता है। जो लोग 16 दिनों तक महालक्ष्मी व्रत करने में असमर्थ हैं उन्हें शुरुआत के 3 या आखिर के 3 व्रत रखने चाहिए। इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है।
