Navratri Havan Samagri List 2025: नवरात्रि के नौ दिन माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित होते हैं। इसमें अंतिम दिन महानवमी होती है। यह दिन काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि हवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। ‘मार्कण्डेय पुराण’ के अंतर्गत ‘दुर्गा सप्तशती’ में हवन की महिमा का वर्णन है, जहां बताया गया है कि हवन से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। हवन सामग्री की सही और पूरी तैयारी से पूजा का फल दोगुना होता है
महानवमी पर हवन के लिए 31 सामग्रियों की लिस्ट (Pic Credit- Canva)
नवरात्रि हनव सामग्री लिस्ट
नवमी तिथि पर हवन के लिए आपको सामग्रियों की आवश्यकता होगी। जिनको मिलाकर आप हवन सामग्री बना सकते हैं। आइए जानते हैं कि वह सामग्री क्या है?
- हवन कुंड (लोहे या स्टील का)
- आम की लकड़ी या सूखी लकड़ियां (अग्नि प्रज्वलन के लिए)
- शुद्ध देसी घी
- सूखा नारियल
- पान के पत्ते
- सुपारी
- कपूर
- लाल कपड़ा या चुनरी
- गंगाजल
- चरणामृत
- कलावा
- आम के पत्ते
- लोबान
- गुग्गल
- जौ
- काले तिल
- चावल या अक्षत
- शहद
- लौंग
- इलायची
- जायफल
- केसर
- गुलाब जल
- चंदन की लकड़ी
- मुलेठी की जड़
- अश्वगंधा
- ब्राह्मी
- बेल, नीम और पीपल के पत्ते
- धूपबत्ती
- दही
- दूध
- पांच प्रकार के फल
- मिष्ठान या पेड़ा
- रोली या कुमकुम
ये सामग्री हवन कुंड में आहुति के लिए उपयोग की जाती हैं और इन्हें बाजार से तैयार हवन सामग्री पैकेट के रूप में भी खरीदा जा सकता है। सुनिश्चित करें कि सभी वस्तुएं शुद्ध और ताजी हों।
हवन की संक्षिप्त विधि
हवन की विधि सरल लेकिन विधिवत होनी चाहिए, ताकि देवी प्रसन्न हों। सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और घर में गंगाजल छिड़कें। हवन कुंड स्थापित करें, चारों ओर कलावा बांधें और आम की लकड़ियां रखें। देसी घी या कपूर से आग जलाएं। मंत्र जैसे 'ॐ दुं दुर्गायै नमः स्वाहा' या 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्यै नमः स्वाहा' आदि का जाप करते हुए, प्रत्येक मंत्र के साथ हवन सामग्री डालकर आहुति दें। अगर दो लोग हवन कर रहे हैं तो एक लोग घी से और एक लोग हवन सामग्री से आहुति दें। अगर और ज्यादा लोग हैं तो एक व्यक्ति घी और बाकी सब सामग्री से आहुति दें। हवन के दौरान सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। अंत में कपूर से आरती करें और प्रसाद बांटें। हवन मुहूर्त 1 अक्टूबर 2025 को सुबह 6:14 से शाम 6:07 तक है।
महानवमी तिथि पर क्यों करें हवन?
नवमी तिथि पर हवन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह नवरात्रि का समापन दिवस माना जाता है, जहां माता सिद्धिदात्री की पूजा से सिद्धियों की प्राप्त होती हैं। हवन, अग्नि के माध्यम से देवी को आहुति देकर उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हवन से घर में सुख-शांति आती है, रोग और बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में समृद्धि बढ़ती है। नवमी पर हवन करने से माता दुर्गा की शक्ति का आह्वान होता है, जो भक्तों को मानसिक और शारीरिक बल प्रदान करती है। इस दिन हवन कुंड में आहुति देकर मंत्र जाप करने से नकारात्मक ग्रह प्रभाव भी कम होते हैं। हवन की तैयारी में सात्विकता का ध्यान रखें, क्योंकि अशुद्ध सामग्री से पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।
