Moharatri Puja: नवरात्रि की महाअष्टमी पर क्यों खास है मोहरात्रि की पूजा? जानें निशीथ काल की धार्मिक मान्यता

Moharatri Puja: नवरात्रि की महाअष्टमी पर मोहरात्रि की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन निशीथ काल में मां दुर्गा की आराधना, मंत्र जाप और ध्यान करने से मानसिक शांति, आत्मबल की प्रेरणा मिलती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

Moharatri Puja: नवरात्रि में महाअष्टमी का दिन मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन जहां भक्त मां महागौरी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, वहीं रात्रि में होने वाली साधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को धार्मिक मान्यताओं में मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात निशीथ काल में की जाने वाली महानिशा पूजा को शक्ति उपासना और आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से साधक को आत्मबल, मानसिक शांति और नकारात्मक विचारों से मुक्ति पाने की प्रेरणा मिलती है। जानें महाअष्टमी की खास पूजा (Navratri Ashtami Puja) के बारे में विस्तार से..

Moharatri Puja

महाअष्टमी पर मोहरात्रि की पूजा (Photo - Pinterest)

मोहरात्रि और इसका आध्यात्मिक अर्थ

सनातन परंपरा में नवरात्रि की प्रत्येक तिथि का अपना महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मोहरात्रि का संबंध सांसारिक मोह-माया, अज्ञान और मन के विकारों पर विजय पाने से जोड़ा जाता है। इसका आध्यात्मिक संदेश है कि व्यक्ति अपने भीतर के भय, क्रोध, लोभ और अहंकार को पहचानकर उनसे ऊपर उठने का प्रयास करे।

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