Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: आज कौन से महीने की पूर्णिमा है, जानें स्नान दान का सुबह का शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा कब है 2026 में?
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी, रविवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 1 फरवरी को मध्य रात्रि के पश्चात 3 बजकर 39 मिनट पर होगा। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि पर पड़ने पर पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। ऐसे में आज यानी 1 फरवरी 2026 के दिन ही माघ पूर्णिमा का व्रत और स्नान दान किया जाएगा।
माघ पूर्णिमा 2026 स्नान- दान मुहूर्त-
सुबह 5 बजकर 30 मिनट से लेकर 7 बजकर 9 मिनट तक का समय स्नान-दान के लिए सबसे उत्तम रहने वाला है।
माघ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
इसके अलावा माघ पूर्णिमा पर घर के मेन गेट पर दीपक जलाएं। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। साथ ही धन लाभ के योग बनते हैं। आर्थिक तंगी से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है।
माघ पूर्णिमा के दान
माघ मास की पूर्णिमा को तिल, कंबल, वस्त्र, घी, फल, अन्न आदि का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है।
माघ पूर्णिमा की पूजा कैसे करें?
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह-सुबह स्नान करें। अगर संभव हो तो नदी में या फिर घर पर ही स्नान कर साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को साफ कर दीया जलाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। फिर गंगाजल से पूजा स्थल का शुद्धिकरण करें। अब भगवान को फूल, अक्षत, रोली, हल्दी, तुलसी दल अर्पित करें। धूप-दीप दिखाएं और नैवेद्य में खीर, फल या मिठाई अर्पित करें। ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। अग संभव हो तो हवन करें और घी और तिल से आहुति दें। आखिर में आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए अन्न, वस्त्र या तिल का दान करें।
Magh Purnima Kab Hai 2026 Mein (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर कहां-कहां दीपक जलाया जाता है?
- मुख्य द्वार
- तुलसी चौरा
- रसोई घर
- पानी का स्थान
Magh Purnima Kab Hai 2026 Mein (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के नियम
- स्नान से पहले साफ़ कपड़े पहनें और शरीर को शुद्ध रखें।
- स्नान के पहले ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करें।
- नदी में जाना संभव न हो तो घर पर शुद्ध जल से स्नान भी किया जा सकता है।
- स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें।
- धूप, दीप, पूजा करें और भगवान का नाम जप या भजन करें।
- तुलसी, गायत्री, या भगवद् गीता का पाठ भी शुभ माना जाता है।
- सीधे रसोई में काम या कचरा या गंदगी न करें।
- गंदे स्थान पर न जाएं और अशुद्ध काम न करें।
- स्नान के बाद भय और क्रोध जैसी नकारात्मक भावनाएं न रखें।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा के दिन बाल धोना चाहिए या नहीं?
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन बाल धोना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बाल धोने, कटवाने या दाढ़ी बनाने से घर में क्लेश हो सकता है, माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। इसलिए, पूर्णिमा पर बाल न धोने की सलाह दी जाती है।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा की आरती
जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
रत्न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै ।
नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दर्श दियो ।
बूढ़ा ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी ।
चन्द्रचूड़ एक राजा, तिनकी विपत्ति हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्ही ।
सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर-स्तुति कीन्हीं ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
भाव भक्ति के कारण, छिन-छिन रूप धरयो ।
श्रद्धा धारण कीन्हीं, तिनको काज सरयो ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
ग्वाल-बाल संग राजा, वन में भक्ति करी ।
मनवांछित फल दीन्हों, दीनदयाल हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
चढ़त प्रसाद सवायो, कदली फल, मेवा ।
धूप दीप तुलसी से, राजी सत्यदेवा ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
श्री सत्यनारायण जी की आरती, जो कोई नर गावै ।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा मंत्र
- ॐ सों सोमाय नमः
- ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः
- ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम। नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम।
- ॐ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुधः प्रचोदयात
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा चालीसा
श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय।जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।।
नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी।
दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।।
विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी।
भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।।
जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा।
करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।।
कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा।
तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।।
कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी।
वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।।
श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई।
कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।।
छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी।
तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।।
औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता,
देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।।
वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया।
नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।।
नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी।
नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।।
नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि।
नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।।
नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि।
जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।।
निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ।
करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।।
शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं।
क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।।
मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै।
जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।।
बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा।
प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।।
चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे।
करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।।
पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की।
यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।।
करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं।
है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।।
तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।।
यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय।
गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर धन लाभ के उपाय
पूर्णिमा तिथि पर तुलसी पूजा का विधान है। इस दिन मां तुलसी की पूजा में देसी घी का दीपक जलाएं और मां तुलसी की आरती करें। मां तुलसी से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इससे मां तुलसी प्रसन्न होंगी और जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: क्या माघी पूर्णिमा 2026 पर ग्रहण है
अगर आप ये जानना चाहते हैं कि क्या पूर्णिमा के दिन ग्रहण तो नहीं लग रहा। तो पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार 1 फरवरी 2026 को माघी पूर्णिमा के दिन कोई भी चंद्र ग्रहण नहीं है। ग्रहण न होने के कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा व्रत कथा
माघ पूर्णिमा की कथा के अनुसार नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहता था, लेकिन वह काफी लालची था। उसका लक्ष्य किसी भी तरह धन कमाना था और ऐसा करते-करते ये समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगा और कई बीमारियों की चपेट में आ गए। इस बीच उनके मन में आया कि उन्होंने पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया, अब जीवन का उद्धार कैसे होगा। इसी क्रम में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्थान करने लगे। करीब 9 दिनों तक स्नान के बाद उनकी तबियत और भी ज्यादा खराब हो गई और इसी दौरान मृत्यु का समय भी आ गया। वे सोच रहे थे कि जीवन में कोई सत्कार्य न करने के कारण उन्हें नरक जाना पड़ेगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। पौराणिक मान्यता है, कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक पूर्णिमा का व्रत रखती हैं, और कथा सुनती हैं, उन्हें संतान का सुख मिलता है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।
आज की तिथि के बारे में बताएं
पंचांग के अनुसार, आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि का आरंभ 1 फरवरी 2026 को सुबह के समय हो चुका है और यह तिथि 2 फरवरी की तड़के तक रहेगी।माघ पूर्णिमा पर चंद्र दर्शन का क्या महत्व है
चंद्र दर्शन से मानसिक शांति मिलती है और चंद्र दोष शांत होता है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ फल देता है।माघ पूर्णिमा पर कौन सा स्नान करना चाहिए?
माघ पूर्णिमा पर प्रातःकाल गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ माना जाता है। यदि नदी उपलब्ध न हो तो घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।पूर्णिमा पर किसकी पूजा होती है
पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा होती है। इनको भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना जाता है।When is Poornima in this month
इस महीने की पूर्णिमा डेट 1 फरवरी, रविवार की है। इसका आरंभ सुबह 5:53 पर होगा। वहीं, इसका समापन 2 फरवरी को मध्य रात्रि के पश्चात 3:39 am पर होगा।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पूजा विधि
पूर्णिमा तिथि में सुबह जल्दी उठकर स्नानादि के पश्चात सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। शांत मन से व्रत का संकल्प लें। अपने घर के पूजा स्थल पर एक चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। अब उस पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें। चौकी के चारों तरफ कलावा अवश्य बांधें। फिर, विष्णुजी का पंचामृत से स्नान कराएं। भगवान विष्णु को वस्त्र आदि अर्पित करके उनका तिलक करें। अब केले, पंचामृत, कसाल आदि चढ़ाएं और विधि पूर्वक पूजा आरती करें। पूर्णिमा तिथि पर व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। इससे व्रत के पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय
माघ पूर्णिमा पर चांद निकलने का समय शाम 1 फरवरी को शाम 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। चंद्रोदय के पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान होता है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: Maghi Purnima 2026 Date and Time
साल 2026 में 1 फरवरी के दिन माघ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। यह तिथी 1 फरवरी सुबह 5 बजकर 52 मिनट से शुरु होकर 2 फरवरी की सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा का महत्व क्या है?
माघ पूर्णिमा को देवताओं की विशेष कृपा का दिन माना जाता है। इस दिन किया गया गंगा स्नान, दान और जप पुण्य फल देता है। माघ माह में कल्पवास करने वालों के लिए यह समापन का दिन भी होता है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवता पृथ्वी पर आकर स्नान और दान करने वालों को आशीर्वाद देते हैं।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा व्रत कथा
माघ पूर्णिमा की कथा के अनुसार नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहता था, लेकिन वह काफी लालची था। उसका लक्ष्य किसी भी तरह धन कमाना था और ऐसा करते-करते ये समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगा और कई बीमारियों की चपेट में आ गए। इस बीच उनके मन में आया कि उन्होंने पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया, अब जीवन का उद्धार कैसे होगा। इसी क्रम में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्थान करने लगे। करीब 9 दिनों तक स्नान के बाद उनकी तबियत और भी ज्यादा खराब हो गई और इसी दौरान मृत्यु का समय भी आ गया। वे सोच रहे थे कि जीवन में कोई सत्कार्य न करने के कारण उन्हें नरक जाना पड़ेगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। पौराणिक मान्यता है, कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक पूर्णिमा का व्रत रखती हैं, और कथा सुनती हैं, उन्हें संतान का सुख मिलता है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: maghi purnima date 2026
माघ पूर्णिमा इस बार 1 फरवरी की सुबह 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 2 फरवरी की सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा की आरती
जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
रत्न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै ।
नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दर्श दियो ।
बूढ़ा ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी ।
चन्द्रचूड़ एक राजा, तिनकी विपत्ति हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्ही ।
सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर-स्तुति कीन्हीं ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
भाव भक्ति के कारण, छिन-छिन रूप धरयो ।
श्रद्धा धारण कीन्हीं, तिनको काज सरयो ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
ग्वाल-बाल संग राजा, वन में भक्ति करी ।
मनवांछित फल दीन्हों, दीनदयाल हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
चढ़त प्रसाद सवायो, कदली फल, मेवा ।
धूप दीप तुलसी से, राजी सत्यदेवा ॥
ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।
श्री सत्यनारायण जी की आरती, जो कोई नर गावै ।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा चालीसा
श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय।जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।।
नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी।
दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।।
विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी।
भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।।
जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा।
करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।।
कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा।
तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।।
कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी।
वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।।
श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई।
कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।।
छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी।
तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।।
औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता,
देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।।
वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया।
नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।।
नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी।
नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।।
नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि।
नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।।
नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि।
जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।।
निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ।
करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।।
शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं।
क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।।
मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै।
जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।।
बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा।
प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।।
चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे।
करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।।
पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की।
यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।।
करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं।
है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।।
तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।।
यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय।
गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर धन लाभ के उपाय
माघ पूर्णिमा तिथि पर तुलसी पूजा का विधान है। इस दिन तुलसी की पूजा में देसी गाय के घी का दीपक जलाएं और तुलसी की आरती करें। तुलसी से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इससे तुलसी प्रसन्न होंगी और जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर नहाने से क्या फल मिलता है?
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान करने से अनन्त पुण्य, मोक्ष, सुख-सौभाग्य और आरोग्य प्राप्त होता है। इस दिन नहाने से पापों का नाश, आत्मा की शुद्धि, शारीरिक और मानसिक आरोग्य, आध्यात्मिक शक्ति और मोक्ष प्राप्त होता है, जो जीवन की परेशानियों को दूर कर सुख-समृद्धि लाता है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा व्रत कथा
माघ पूर्णिमा की कथा के अनुसार नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्मण रहता था, लेकिन वह काफी लालची था। उसका लक्ष्य किसी भी तरह धन कमाना था और ऐसा करते-करते ये समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगा और कई बीमारियों की चपेट में आ गए। इस बीच उनके मन में आया कि उन्होंने पूरा जीवन तो धन कमाने में बीता दिया, अब जीवन का उद्धार कैसे होगा। इसी क्रम में उन्हें माघ माह में स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण नर्मदा नदी में स्थान करने लगे। करीब 9 दिनों तक स्नान के बाद उनकी तबियत और भी ज्यादा खराब हो गई और इसी दौरान मृत्यु का समय भी आ गया। वे सोच रहे थे कि जीवन में कोई सत्कार्य न करने के कारण उन्हें नरक जाना पड़ेगा, लेकिन माघ मास में स्नान के कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। पौराणिक मान्यता है, कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक पूर्णिमा का व्रत रखती हैं, और कथा सुनती हैं, उन्हें संतान का सुख मिलता है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा के मंत्र
- ॐ सों सोमाय नमः
- ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः
- ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम। नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम।
- ॐ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुधः प्रचोदयात
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर घर में कैसे करें स्नान?
- अगर आप गंगा तट पर नहीं जा सकते तो घर में साफ स्नान करें और यदि संभव हो तो गंगा जल का उपयोग करें।
- स्नान करते समय 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू' मंत्र का उच्चारण करें।
- शास्त्रों के अनुसार महाकुंभ में संगम स्नान के समय 5 बार डुबकी लगाने का महत्व है। ऐसे में अगर आप अपने घर में घर के पास की किसी नदी में स्नान करते हैं तो इस नियम का पालन करें।
- साथ ही माघ पूर्णिमा पर स्नान करते समय साबुन या शैम्पू आदि का इस्तेमाल न करें।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा 2026 पर स्नान-दान का मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन राहुकाल और भद्रा दोनों का संयोग बन रहा है। 1 फरवरी 2026 को सुबह 07:09 से दोपहर 04:42 मिनट तक भद्रा रहेगी, जबकि दोपहर 04:39 से शाम 06 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अलावा सुबह 07:09 मिनट पर सूर्योदय होगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:24 से सुबह 06:17 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप सुबह 05:24 से सुबह 07:09 मिनट के बीच पूजा-पाठ व स्नान-दान जैसे शुभ कार्य कर सकते हैं।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर शांति पाने के उपाय
इस दिन घर में घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
इससे मन को शांति मिलती है।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा व्रत के नियम
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। व्रत में फल, दूध या सात्विक भोजन लिया जाता है। शाम को पूजा के बाद व्रत खोला जाता है।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा चालीसा-
श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय।जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।।
नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी।
दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।।
विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी।
भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।।
जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा।
करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।।
कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा।
तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।।
कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी।
वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।।
श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई।
कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।।
छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी।
तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।।
औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता,
देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।।
वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया।
नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।।
नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी।
नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।।
नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि।
नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।।
नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि।
जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।।
निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ।
करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।।
शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं।
क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।।
मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै।
जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।।
बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा।
प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।।
चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे।
करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।।
पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की।
यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।।
करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं।
है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।।
तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।।
यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय।
गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा के दिन क्या करें?
- स्नान से पहले साफ़ कपड़े पहनें और शरीर को शुद्ध रखें।
- स्नान के पहले ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करें।
- नदी में जाना संभव न हो तो घर पर शुद्ध जल से स्नान भी किया जा सकता है।
- स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें।
- धूप, दीप, पूजा करें और भगवान का नाम जप या भजन करें।
- तुलसी, गायत्री, या भगवद् गीता का पाठ भी शुभ माना जाता है।
- सीधे रसोई में काम या कचरा या गंदगी न करें।
- गंदे स्थान पर न जाएं और अशुद्ध काम न करें।
- स्नान के बाद भय और क्रोध जैसी नकारात्मक भावनाएं न रखें।स्नान से पहले साफ़ कपड़े पहनें और शरीर को शुद्ध रखें।
- स्नान के पहले ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करें।
- नदी में जाना संभव न हो तो घर पर शुद्ध जल से स्नान भी किया जा सकता है।
- स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें।
- धूप, दीप, पूजा करें और भगवान का नाम जप या भजन करें।
- तुलसी, गायत्री, या भगवद् गीता का पाठ भी शुभ माना जाता है।
- सीधे रसोई में काम या कचरा या गंदगी न करें।
- गंदे स्थान पर न जाएं और अशुद्ध काम न करें।
- स्नान के बाद भय और क्रोध जैसी नकारात्मक भावनाएं न रखें।
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व
जब चंद्रमा कर्क राशि में और सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय माघ पूर्णिमा पड़ती है। कहते हैं इस पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा के दोषों से मुक्ति मिल जाती है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि इस तिथि पर स्वयं भगवान विष्णु गंगा जल में निवास करते हैं।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: घर पर माघ पूर्णिमा की पूजा कैसे करें?
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह-सुबह स्नान करें। अगर संभव हो तो नदी में या फिर घर पर ही स्नान कर साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को साफ कर दीया जलाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। फिर गंगाजल से पूजा स्थल का शुद्धिकरण करें। अब भगवान को फूल, अक्षत, रोली, हल्दी, तुलसी दल अर्पित करें। धूप-दीप दिखाएं और नैवेद्य में खीर, फल या मिठाई अर्पित करें। ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। अग संभव हो तो हवन करें और घी और तिल से आहुति दें। आखिर में आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए अन्न, वस्त्र या तिल का दान करें।Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा हवन सामग्री लिस्ट
- हवन कुंड
- समिधा (आम / पीपल की लकड़ी)
- हवन सामग्री (जौ, तिल, चावल, गुग्गुल, लोबान आदि)
- घी
- कपूर
- सफेद तिल
- अक्षत
- सूखे फूल
- नारियल
- पंचामृत
- गंगाजल या शुद्ध जल
- दीया
- अगरबत्ती
- माचिस
- स्रुवा या लकड़ी का चम्मच
- आसन
- लाल या पीला वस्त्र
- हवन मंत्र पुस्तक
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा स्नान-दान सामग्री लिस्ट
- तिल
- वस्त्र
- अन्न
- दक्षिणा
Magh Purnima Kab Hai (माघ पूर्णिमा कब है 2026 में) LIVE: माघ पूर्णिमा पर कहां-कहां दीपक जलाया जाता है?
- मुख्य द्वार
- तुलसी चौरा
- रसोई घर
- पानी का स्थान
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