Magh Purnima Vrat Katha: माघ पूर्णिमा की व्रत कथा हिंदी में यहां पढ़ें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 5, 2023, 07:07 PM IST

Magh Purnima Katha In Hindi: माघ पूर्णिमा कथा से जानिए इस दिन का महत्व। जानें कैसे इस पूर्णिमा के व्रत से ब्राह्मण दंपति के सारे कष्ट हो गए दूर।

Magh Purnima Katha In Hindi: सनातन धर्म में इस पूर्णिमा का विशेएष महत्व माना जाता है। इसे माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं और अपने भक्तों को अपना आशीर्वाद देते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलने की मान्यता है। जानिए माघ पूर्णिमा की व्रत कथा।

magh purnima katha

माघ पूर्णिमा व्रत कथा

माघ पूर्णिमा व्रत कथा (Magh Purnima Vrat Katha)

पौराणिक कथा के अनुसार कांतिका नगर में एक ब्राह्मण रहता था, जिसका नाम धनेश्वर था। वह भिक्षा मांगकर अपना जीवन गुजार रहा था। उसकी कोई संतान नहीं थी। एक दिन भिक्षा मांगने के दौरान लोगों ने ब्राह्मण की पत्नी को बांझ कहकर ताने मारे और उसे भिक्षा देने से मना कर दिया। इस घटना से ब्राह्मण की पत्नी बहुत दुखी हुई। जिसके बाद उसे किसी ने 16 दिन तक मां काली की पूजा करने की सलाह दी। ब्राह्मण दंपत्ति ने 16 दिनों तक मां काली का पूजन किया। दंपत्ति की पूजा से प्रसन्न होकर 16वें दिन मां काली साक्षात प्रकट हुईं और उसे गर्भवती होने का वरदान दिया। इसके साथ ही मां काली ने उस ब्राह्मणी से हर पूर्णिमा के दिन एक दीपक जलाने को कहा और धीरे-धीरे हर पूर्णिमा पर दीपक की संख्या बढ़ा देने की बात कही। साथ ही दोनों पति-पत्नी को मिलकर पूर्णिमा का व्रत रखने को भी कहा।

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