कौन हैं मां नर्मदा, क्यों माना जाता है नर्मदा नदी को देवी, क्या है नर्मदा माता का इतिहास

Narmada nadi devi kyun mani jati hai: नर्मदा नदी को सनातन धर्म में देवी माना गया है। वे पवित्र हैं और भगवान शिव की पुत्री हैं। माघ माह की सप्तमी को नर्मदा जयंती मनाई जाती है। मां का स्वरूप मोक्ष देने वाला है। आज 25 जनवरी को नर्मदा जयंती है। आइए जानते हैं कि नर्मदा नदी क्यों खास है।

Narmada nadi devi kyun mani jati hai: सनातन धर्म में नर्मदा नदी को केवल एक नदी नहीं, बल्कि देवी माना गया है। वे जीवन को शुद्ध करने वाली, कष्टों को हरने वाली और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाली शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं। भारत की सात पवित्र नदियों में मां नर्मदा का स्थान विशेष है, क्योंकि उन्हें स्वयं में पूर्ण और पवित्र माना गया है। यही कारण है कि नर्मदा दर्शन, स्नान और पूजन को अत्यंत फलदायी कहा गया है। मां नर्मदा की महिमा केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही परंपराओं, लोकविश्वासों और साधकों के अनुभवों में भी दिखाई देती है। हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां नर्मदा की जयंती मनाई जाती है। इस साल 2026 में ये 25 जनवरी को है।

नर्मदा नदी की कथा

नर्मदा नदी की कथा

कौन हैं मां नर्मदा?

मां नर्मदा को भगवान शिव की पुत्री माना जाता है। उन्हें रेवा, नर्मदा मैया और शंकरसुता के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की तपस्या से उत्पन्न दिव्य जल से मां नर्मदा का अवतरण हुआ। इसी कारण उनका स्वभाव शांत, गंभीर और तपस्वी माना गया है।

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