Maa Brahmacharini Ki Aarti: आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है। मां के ये रूप कठिन तपस्या करने के कारण बना है। मां दुर्गा के इस रूप की उपासना करने से साधक को विजय की प्राप्ति होती है। मुक्ति की प्राप्ति के लिए भी मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान करना चाहिए। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधिपूर्वक करने से और माता की आरती करने से साधक के सारे काम सफल होते हैं। आइए यहां पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी की आरती लिखित में।
Maa Brahmacharini Ki Aarti (मां ब्रह्मचारिणी की आरती)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
Maa Brahmacharini Mantra (मां ब्रह्मचारिणी मंत्र)
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मई ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
