Kya Aaj Bakrid Ka Chand Dikhega : आज 17 मई 2026 को देशभर में लोगों की नजरें आसमान पर टिकी रहेंगी, क्योंकि आज ज़िल हिज्जा महीने का चांद देखने की कोशिश की जाएगी। इसी चांद के दिखने के बाद यह तय होगा कि भारत में बकरीद 27 मई को मनाई जाएगी या 28 मई को मनाई जाएगी।
आज बकरीद का चांद दिखेगा क्या
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चांद पर आधारित होता है। हर नया महीना हिलाल यानी नए चांद के दिखने से शुरू होता है। ज़िल हिज्जा इस्लामिक साल का आखिरी और बेहद पवित्र महीना माना जाता है। इसी महीने की 10वीं तारीख को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मनाई जाती है।
आज का सूर्योदय और सूर्यास्त समय
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 29 मिनट पर हुआ है, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 06 मिनट पर होगा। वहीं चन्द्रोदय सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर हुआ और चन्द्रास्त शाम 7 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में आज सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में कुछ समय के लिए हिलाल चांद देखने की कोशिश की जाएगी।
आज किस समय दिख सकता है चांद (Aaj Chand Kab Dikhega)
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, नया चांद सूर्यास्त के करीब 20 से 40 मिनट बाद देखने की संभावना रहती है। इसलिए आज चांद देखने का सबसे सही समय शाम 7 बजकर 10 मिनट से लेकर 7 बजकर 45 मिनट तक माना जा रहा है। हालांकि मौसम, बादल और चांद की ऊंचाई के कारण कई जगहों पर इसे देख पाना मुश्किल भी हो सकता है।
क्या आज 17 मई दिख जाएगा बकरीद का चांद
विशेषज्ञों के मुताबिक आज भारत में चांद की ऊंचाई सीमित रहने वाली है। ऐसे में कई इलाकों में चांद दिखना कठिन माना जा रहा है। अगर आज 17 मई की शाम चांद दिखाई देता है तो 19 मई से ज़िल हिज्जा महीना शुरू माना जाएगा और फिर भारत में 27 मई 2026 को बकरीद मनाई जाएगी। वहीं अगर आज चांद नहीं दिखता है तो ज़िल हिज्जा महीने की शुरुआत 20 मई से मानी जाएगी और ऐसे में भारत में बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जा सकती है।
क्यों खास होता है ज़िल हिज्जा महीना
ज़िल हिज्जा इस्लाम धर्म का बेहद खास महीना माना जाता है। इसी महीने में हज यात्रा पूरी की जाती है। साथ ही 10वीं तारीख को ईद-उल-अजहा मनाई जाती है, जिसे कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है। यह पर्व त्याग, इंसानियत और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार कुर्बानी देते हैं।
कैसे होती है चांद दिखने की पुष्टि
भारत में अलग-अलग शहरों और राज्यों में चांद देखने वाली कमेटियां होती हैं। जब किसी जगह से चांद दिखने की पुष्टि होती है, उसके बाद आधिकारिक तौर पर ज़िल हिज्जा महीने और बकरीद की तारीख का ऐलान किया जाता है। ऐसे में आज शाम का चांद ही तय करेगा कि भारत में ईद-उल-अजहा 27 मई को मनाई जाएगी या 28 मई को मनाई जाएगी।
भारत में कब दिखेगा चांद
इस्लामिक विद्वान समीरुद्दीन कासमी के अनुसार 17 मई 2026 को भारत में चांद की ऊंचाई लगभग 9 डिग्री रहने की संभावना है। आमतौर पर 10 डिग्री या उससे अधिक ऊंचाई पर चांद साफ दिखाई देता है। ऐसे में 17 मई को भारत में चांद दिखना थोड़ा मुश्किल माना जा रहा है। हालांकि 18 मई 2026 को भारत में चांद की ऊंचाई करीब 23 डिग्री तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में चांद साफ नजर आने की संभावना काफी ज्यादा रहेगी। अगर 18 मई की शाम चांद दिखाई देता है, तो 19 मई से जुलहिज्जा का महीना शुरू हो सकता है। इस हिसाब से भारत में 28 मई 2026 को बकरीद मनाए जाने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।
जानकारों के अनुसार पाकिस्तान, सऊदी अरब और कुछ खाड़ी देशों में 17 मई को ही चांद दिखाई देने की संभावना बन रही है। अगर वहां 18 मई से जुलहिज्जा शुरू होता है, तो इन देशों में 27 मई 2026 को ईद-उल-अजहा मनाई जा सकती है। इंग्लैंड समेत कई यूरोपीय देशों में भी सऊदी अरब के अनुसार ही त्योहार मनाने की परंपरा रहती है। इसलिए वहां भी 27 मई को बकरीद होने की संभावना जताई जा रही है।
