Kumbh 2025 Snan Vidhi In Hindi: महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में लोग आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। कहते हैं इस दौरान पवित्र स्नान करने से न सिर्फ समस्त पापों से छुटकारा मिलता है बल्कि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही विद्वान ये भी कहते हैं अगर कुंभ में गंगा स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देते हैं तो इससे मनोवांछित फलों की भी प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि कुंभ के समय पवित्र नदी का जल अमृमय हो जाता है। ऐसे में इस जल में स्नान करने से शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है। चलिए आपको बताते हैं कुंभ में स्नान करने के नियम क्या हैं।
Kumbh Snan Vidhi
कुंभ मेला स्नान विधि (Kumb Mela Snan Vidhi In Hindi)
महाकुंभ में सबसे ज्यादा महत्व शाही स्नान का माना जाता है। शाही स्नान के दिन सबसे पहले नागा साधुओं को स्नान करने का विशेष अधिकार प्राप्त है। जिसका खास धार्मिक महत्व माना जाता है। दरअसल नागा साधुओं को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है और उनकी कड़ी साधना के कारण ही उन्हें कुंभ में पहले स्नान करने का सम्मान दिया जाता है। इसके बाद ही अन्य लोग स्नान करते हैं। यदि आप महाकुंभ में स्नान करने जा रहे हैं तो आपको कम से कम तीन बार आस्था की डुबकी जरूर लगानी चाहिए। इसके अलावा गृहस्थ लोगों को पवित्र जल में 5 बार डुबकी लगानी चाहिए। पवित्र स्नान के बाद हो सके तो कुछ न कुछ दान भी जरूर करें।
कुंभ स्नान मुहूर्त (Kumbh Snan Muhurat)
वैसो तो आप कुंभ मेले में किसी भी समय स्नान कर सकते हैं। लेकिन अगर कुंभ स्नान के सबसे शुभ समय की बात की जाए तो वो ब्रह्म मुहूर्त का समय माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त रात्रि प्रहर के बाद और सूर्योदय से ठीक पहले का समय होता है। आमतौर पर सुबह 4 बजे से लेकर 5 बजकर 30 मिनट के बीच तक का समय ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है।
कुंभ स्नान मंत्र (Kumbh Snan Mantra)
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।। कुंभ में स्नान करते समय श्रद्धालुओं को इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
कुंभ में गंगा स्नान का महत्व (Kumbh Ganga Snan Mahatva)
धार्मिक मान्यताओं अनुसार कुंभ में गंगा स्नान करना अमृपान के समान माना जाता है। कहते हैं इस दौरान पवित्र स्नान करने से मनुष्य को उसके समस्त पापों से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।
