Kokila Vrat Katha: कोकिला व्रत कथा हिंदी में, जानें देवी सती व शिवजी से जुड़े इस व्रत की डेट, पौराणिक कहानी और महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: मेधा चावला
  • Updated Jul 2, 2023, 06:44 AM IST

Kokila Vrat 2023 Vrat Katha in Hindi:आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर कोकिला व्रत रखा जाता है। मान्यताओं में कोयल को देवी का रूप माना गया है जिनको भगवान शिव के श्राप की वजह से कई हजार वर्ष तक उनको इस रूप में रहना पड़ा था। यहां जानें कोकिला व्रत 2023 डेट (Kokila Vrat Date 2023)। साथ ही पढ़ें कोकिला व्रत कथा इन हिंदी।

Kokila Vrat 2023 Katha in Hindi: आषाढ़ मास का समापन एक बेहद महत्वपूर्ण और पावन व्रत से होता है। ये है कोकिला व्रत जो आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। मान्यता है कि देवी सती को समर्पित यह व्रत मनोकामनाएं पूरी करने वाला होता है और इस दिन भगवान शिव और सती की पूजा विशेष फल देती है। कुंवारी कन्याओं के लिए भी यह व्रत लाभदायक होता है।

kokila vrat katha in hindi, kokila vrat kahani

Kokila Vrat Katha in Hindi

2023 में कोकिला व्रत कब है

आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि 2023 में 2 जुलाई दिन रविवार को मानी जाएगी। इसलिए कोकिला व्रत 2023 2 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन मिट्टी की कोयल बनाकर इस प्रतिमा की विधिवत पूजा की जाती है।

End of Feed