Karwa Chauth Song Lyrics In Hindi: करवा चौथ का व्रत इस साल 20 अक्तूबर 2024 को रखा जाएगा। करवा चौथ के व्रत को महिलाएं बहुत श्रद्धा और विश्वास के साथ रखती हैं। इस दिन सारी विवाहित स्त्रियां निर्जला व्रत अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस दिना सारी महिलाएं एक साथ मिलकर करवा माता की पूजा करती हैं और करवा माता के गीत भी गाती हैं। इस दिन पूजा के समय लोकगीत गाने की भी परंपरा है। इस मौके पर महिलाएं चौथ माता के भजन भी गाती हैं। आज हम यहां आपके लिए करवा चौथ के स्पेशल गानों के लिरिक्स लेकर आए हैं। यहां पढ़ें करवा चौथ के भजन।
Karwa Chauth Song Lyrics In Hindi (करवा चौथ भजन लिरिक्स)
आज है करवा चौथ
आज है करवा चौथसखी री माँग ले सुख का दान
अपने सपनो के स्वामी का
धर कर मन्न में ध्यान
जनम जनम तक मांग का
तेरी रंग पडे ना फिका
जब तक चमके चांद
सितारे तब तक चमके टिका
बंधे रहे मनभाते
प्रीतम के प्राणों से प्राण
आज है करवा चौथ
सखी री माँग ले सुख का दान
आज है करवा चौथ सखी री
जो कोई मांगे आज लगन
से युग युग का सुख पाये
साथ सफल हो प्रेम अमर
हो जीवन में रास आये
गावो गावो मंगल गीत के आज करवा चौथ है
गावो गावो मंगल गीत के आज करवा चौथ हैवर मांगो अमर हो सुहाग खुल जाये अपने भाग
काम होना पिया जी के प्रीत के आज करवा चौथ है
अर्क करो और दीप जलाओ गोरी के आछात से सिंदूर चढ़ावो
दही पतासा के भोग लगावो
कही शुभ घडी जाए ना बीत के आज करवा चौथ है
मांगो असीस खिले घर आँगन देखु जहा बस देखु मैं साजन
गाड़ी करदो ऐसी प्रीत हैं के आज करवा चौथ है
गावो गावो मंगल गीत के आज करवा चौथ है
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चलेगौरा के माथे पर टीका सोहे
गौरा के माथे पर टीका सोहे
और बिंदिया है लालम लाल चलो सखी लेने चले
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले…
गौरा के कानों में कुंडल सोहे
गौरा के कानों में कुंडल सोहे
और लाली है लालम लाल चलो सखी लेने चले
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले…
गोरा के हाथों में कंगना सोहे
गौरा के हाथों में कंगना सोहे
और मेहंदी है लालम लाल चलो सखी लेने चलें
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले…
गौरा के पैरों में पायल सोहे
गौरा के पैरों में पायल सोहे
और महावर है लालम लाल चलो सखी लेने चलें
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले…
गौरा के अंगों पर लहंगा सोहे
गौरा के अंगों पर लहंगा सोहे
और चुनरी है लालम लाल चलो सखी लेने चले
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले…
गौरा मैया जी दे रही सुहाग चलो सखी लेने चले
करवा चौथ का दिन आया
करवा चौथ का दिन आया,चंदा अम्बर पे छाया है ।
सज धज के अपनी सजनी का,
रूप सांवरिया को भाया है ।।
मेरे साजना मेरी उम्र भी,
लग जाए तुझको ।
दुआएं माँगे कंगना,
मेरे साजना ।।
मेरे हाथों में संग मेहंदी के,
रंग तेरा सजता ।
चाँद जो देखूं छलनी के पीछे,
चेहरा तेरा दीखता ।।
मेरे साजना,
मेरे साजना, मेरी उम्र भी,
लग जाए तुझको ।
दुआएं माँगे कंगना,
मेरे साजन ।।
तेरी पसंद की चूड़ी पहनी,
तेरे नाम की मेहंदी रचाई ।
तेरी प्रीत की चुनर ओढ़ी,
तेरी याद की बिंदिया लगाईं ।।
तेरी पसंद की चूड़ी पहनी,
तेरे नाम की मेहंदी रचाई ।
तेरी प्रीत की चुनर ओढ़ी,
तेरी याद की बिंदिया लगाईं ।।
मेरे साजना,
मेरे साजना मेरी उम्र भी,
लग जाए तुझको ।
दुआएं माँगे कंगना,
मेरे साजना ।।
करवा चौथ का दिन आया,
चंदा अम्बर पे छाया है ।
सज धज के अपनी सजनी का,
रूप सांवरिया को भाया है ।।
तेरी ही धुन मैं गाऊं,
मैं सातों जनम तुझे पाऊं ।
जब जब धरती पे आऊं,
तेरी ही दुल्हन बन जाऊं ।।
तेरी ही धुन मैं गाऊं,
मैं सातों जनम तुझे पाऊं ।
जब जब धरती पे आऊं,
तेरी ही दुल्हन बन जाऊं ।।
मेरे साजना,
मेरे साजना मेरी उम्र भी,
लग जाए तुझको ।
दुआएं माँगे कंगना,
मेरे साजना ।।
करवा चौथ का दिन आया,
चंदा अम्बर पे छाया है ।
सज धज के अपनी सजनी का,
रूप सांवरिया को भाया है ।।
