Can we drink water or tea after Karwa Chauth puja: करवा चौथ का व्रत रखते समय मन में कई सवाल आते हैं। खासकर उन महिलाओं के मन में, जो सुबह सरगी खाने के बाद पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहती हैं। किसी को शाम होते-होते चाय पीने की इच्छा होने लगती है, तो किसी को प्यास परेशान करने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या करवा चौथ में शाम की पूजा के बाद चाय पी सकते हैं? क्या चांद निकलने से पहले पानी पीना व्रत तोड़ना माना जाता है?
करवा चौथ में शाम की पूजा के बाद पानी पी सकते हैं क्या, क्या चाय पीने से व्रत टूट जाएगा (AI Image)
अगर आप भी इन सवालों के जवाब तलाश रही हैं, तो आइए समझते हैं कि करवा चौथ के व्रत में इन बातों का क्या महत्व है।
करवा चौथ में शाम की पूजा के बाद क्या चाय पी सकते हैं
करवा चौथ का व्रत परंपरागत रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा के बाद खोला जाता है। इस दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। कई घरों में शाम को कथा और पूजा होती है, लेकिन व्रत खोलने का समय चांद निकलने के बाद ही माना जाता है।
ऐसे में अगर आपने शाम की पूजा कर ली है, लेकिन चांद अभी नहीं निकला है, तो पारंपरिक निर्जला व्रत के नियमों के अनुसार चाय पीने के लिए चंद्रमा को अर्घ्य देने तक इंतजार किया जाता है। केवल शाम की पूजा हो जाने से व्रत पूरा नहीं माना जाता।
हालांकि, कुछ परिवारों में अपनी परंपराओं और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार अलग नियम भी अपनाए जाते हैं। इसलिए अपने घर की मान्यता को ध्यान में रखना जरूरी है।
क्या करवा चौथ में चांद निकलने से पहले पानी पी सकते हैं
करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह सरगी खाने के बाद से चांद निकलने तक पानी भी नहीं पीती हैं। इसी वजह से इस व्रत को निर्जला व्रत कहा जाता है।
परंपरागत मान्यता के अनुसार, चांद निकलने से पहले पानी पीने के बजाय चंद्र दर्शन, अर्घ्य और पूजा के बाद ही जल ग्रहण किया जाता है। लेकिन यह नियम स्वास्थ्य से ऊपर नहीं है। अगर आपको बहुत कमजोरी महसूस हो रही है, चक्कर आ रहे हैं, बेहोशी जैसा लग रहा है या शरीर में पानी की कमी के लक्षण हैं, तो केवल व्रत निभाने के लिए पानी पीने से बचना उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़ें और चिकित्सकीय सहायता लें।
करवा चौथ में व्रत कब खोलना चाहिए
आमतौर पर करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन के बाद खोला जाता है। इसके लिए महिलाएं सबसे पहले चंद्रमा को जल से अर्घ्य देती हैं। इसके बाद पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं। कई घरों में पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा भी है।
पूजा पूरी होने के बाद पहले पानी पीना और फिर हल्का भोजन करना अच्छा रहता है। पूरे दिन भूखे रहने के बाद एकदम से बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन खाने से बचें।
अगर चांद देर से निकले तो क्या करें
कभी-कभी मौसम खराब होने या बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा दिखाई देने में देर हो सकती है। ऐसी स्थिति में महिलाएं अपने शहर के चंद्रोदय के समय की जानकारी ले सकती हैं और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा कर सकती हैं।
अगर लंबे समय तक चांद दिखाई न दे और आपको कमजोरी या बेचैनी महसूस होने लगे, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और प्रार्थना है, अपने शरीर को परेशानी में डालना नहीं।
करवा चौथ में चाय और पानी पीने को लेकर क्या ध्यान रखें
करवा चौथ में शाम की पूजा के बाद चाय पीने या पानी ग्रहण करने का फैसला केवल पूजा के समय के आधार पर नहीं किया जाता। पारंपरिक निर्जला व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। इसलिए यदि आप इसी परंपरा का पालन कर रही हैं, तो चाय और पानी के लिए चंद्र दर्शन तक इंतजार करें। लेकिन अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है, तो व्रत के नियमों से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखें।
