12 या 13 जून, कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानिए ज्येष्ठ अधिकमास के आखिरी प्रदोष की सही डेट, प्रदोष काल और पूजा विधि

Pradosh Vrat Kab Hai : ज्येष्ठ अधिकमास अब अपने अंतिम चरण पर है। इसके कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कि इस बार प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा।

Pradosh Vrat Kab Hai : सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से कष्ट, रोग, आर्थिक परेशानियां तथा मानसिक तनाव दूर होते हैं। इस बार ज्येष्ठ अधिकमास का अंतिम प्रदोष व्रत पड़ रहा है, जिसके चलते कई लोगों के मन में यह सवाल है कि प्रदोष व्रत 12 जून को रखा जाएगा या 13 जून को? आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, पूजा का शुभ समय और व्रत की विधि।

Pradosh Vrat Kab Hai   प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा

प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा

कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 12 जून 2026 को शाम 7 बजकर 36 मिनट पर होगा। यह तिथि 13 जून 2026 को शाम 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। प्रदोष व्रत का निर्धारण त्रयोदशी तिथि में पड़ने वाले प्रदोष काल के आधार पर किया जाता है। 12 जून की शाम के समय त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो रही है और उसी दिन प्रदोष काल भी प्राप्त हो रहा है, इसलिए शुक्र प्रदोष व्रत 12 जून 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।

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