Jitiya Vrat Ke Geet: जितिया पर्व इस बार 24 और 25 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ये व्रत मुख्य रूप से झारखंड, बिहान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मनाया जाता है (Jitiya Ka Gana)। इस दिन कुशा से बने हुए जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। मान्यता है जो महिला इस व्रत को विधि विधान करती है उसके बच्चे के जीवन में खुशहाली हमेशा बनी रहती है (Jitiya Song)।
Jitiya Vrat Bhojpuri Geet
जितिया पर्व का त्योहार इसके पारंपरिक गीतों को सुनें बिना अधूरा माना जाता है। इसलिए जैसे ही ये पर्व आता है इसके गानों की काफी ज्यादा डिमांड बढ़ जाती है। भोजपुरी में जितिया पर्व के कई गाने बनाए गए हैं। यहां आप देखेंगे जितिया के गानों के लिरिक्स (Jitiya bhojpuri Geet)।
Jitiya Parv Bhojpuri Geet
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
तोहरा प बाबू कबहू आचना आए
अचरा के फुलवा कबो ना मुरझाए
तोहरा प बाबू कबहू आचना आए
अचरा के फुलवा कबो ना मुरझाए
तोहरो जीनगीया के दिही सवार हो
जिऊत वाहन देव अर्जी करीह स्वीकार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
हमरो दुलरवा के नजरों ने लागे
रहीह तू हरदम सबका से आगे
पढ़ लिख के बबुआ खूब नाम कमईह
कौनो परेशानी से तू कबहू ना डेरईह
जीऊत वाहन देव के बा महिमा अपार हो
एही से त निर्जल भूकल बानी त्यौहार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
हमरो उमर तोहरा के लग जाए
रोग बल्ला कोई छू नहीं पाई
पावन परब हम तोहरे ला करिले
कवनो ना गलती होखे ध्यान हम धरीले
तोहरे से रोशन बा अंगना हमार हो
कबहु भुलइह ना माई के दुलार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
जुग जुग जिए मोर बबुआ दुलरुवा
जुग जुग जिए मोर
जुग जुग जिए मोर बबुआ दुलरुवा
जिउत वहांन देवता से करब हम अरजिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया…(x2)
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
तीन दिन के होला सखी पावन परबिया
न खाये उपवास पारण के बा बिधिया
आशीन अनहरिया के अस्टमी तिथि के
जीवतिया पुजाला निरजल व्रत रख के
सासु जी से पूछब
सासु जी से
सासु जी से पूछब कुल व्रत के नियमिया…(x३)
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया…(x2)
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
सप्तमी के दिने होला गंगा आसन्नवा
नवनि संग मडवा वर्ती खाये एहि दिनवा
नेनुवाके पातपर पुवा पकवनवा
चील सियारिन दिहल जाला भोगवा
गोतनि सग करब हम
गोतनि सग
गोतनि सग करब हम
भोर में सरगहिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया…(x2)
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
लव कुश पुजला सखी अष्टमी के संझिया
कथा सुनीली बूढ़ होके चाहे कन्या
नवमी के भोर होला पारण के दिनवा
कांडा गिराउके बनेला भोजनवा
सईया से मगाइब हम
उत्तम जी से
खुसबू मगाइये सोने के जिउतिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया…(x2)
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला...
महिमा महान जितवाहन बाबा के
जितिया पर्व पर जीमूतवाहन बाबा की पूजा होती है। 'महिमा महान जितवाहन' गीत में इस पूजा की महिमा के बारे में बताया गया है। इस गाने के वीडियो में महिलाएं जितिया व्रत की पूजा करती नजर आ रही हैं। भोजपुरी में जितिया व्रत का ये गाना बहुत ही खूबसूरत है जिसे अंशु प्रिया ने गाया है। ये गीत जितिया पर्व के समय जरूर सुना जाता है।
