Janmashtami Vrat Me Kya Khaye: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखने वालों के मन में भोजन को लेकर कई सवाल रहते हैं। क्या व्रत में चाय पी सकते हैं? दूध पीने की मनाही तो नहीं है? सेंधा नमक खाना चाहिए या पूरे दिन केवल फल लेने हैं? वैसे जन्माष्टमी व्रत के नियम हर परिवार और क्षेत्र में थोड़े अलग हो सकते हैं। कुछ भक्त निर्जला व्रत रखते हैं। कुछ दूध और फल लेते हैं। वहीं, बहुत से लोग दिन में एक बार फलाहार करते हैं। इसलिए सबसे पहले अपने घर की परंपरा और अपनी सेहत को ध्यान में रखना जरूरी है।
जन्माष्टमी व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं, जानें चाय, कॉफी, नमक और दूध से जुड़े नियम
जन्माष्टमी व्रत में आज क्या खा सकते हैं
जन्माष्टमी के फलाहार में अनाज से बनी चीजें नहीं खाई जातीं। गेहूं, चावल, दाल और सामान्य नमक से परहेज किया जाता है। इनके स्थान पर फल, दूध से बनी चीजें और व्रत में खाए जाने वाले आटे लिए जा सकते हैं।
| व्रत में क्या खा सकते हैं | कैसे सेवन करें |
|---|---|
| केला, सेब, पपीता और अनार | साबुत फल या फ्रूट सलाद के रूप में |
| दूध | सादा या हल्का गुनगुना |
| दही और छाछ | सेंधा नमक मिलाकर |
| मखाना | घी में हल्का भूनकर या खीर बनाकर |
| साबूदाना | खिचड़ी, खीर या वड़ा बनाकर |
| कुट्टू का आटा | पूरी या रोटी बनाकर |
| सिंघाड़े का आटा | हलवा, चीला या रोटी बनाकर |
| आलू और शकरकंद | उबालकर या हल्की सब्जी बनाकर |
| मूंगफली और सूखे मेवे | सीमित मात्रा में |
| नारियल पानी | शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए |
| सेंधा नमक | सामान्य नमक के स्थान पर |
फलाहार को बहुत तला-भुना बनाने से बचें। दिनभर भूखे रहने के बाद बहुत अधिक कुट्टू की पूरी, साबूदाना वड़ा या तले आलू खाने से एसिडिटी और भारीपन हो सकता है।
क्या जन्माष्टमी व्रत में चाय पी सकते हैं
यह जन्माष्टमी व्रत से जुड़ा सबसे अधिक पूछा जाने वाला सवाल है। सामान्य फलाहारी व्रत में बहुत से लोग दूध वाली चाय पीते हैं। परिवार की परंपरा में चाय की अनुमति है तो एक कप हल्की चाय ली जा सकती है। हालांकि, जो भक्त बहुत सख्त या सात्विक नियमों के साथ व्रत रखते हैं, वे चाय और कॉफी से परहेज करते हैं। इसकी जगह दूध, नारियल पानी, नींबू पानी या फलों का रस लिया जा सकता है।
खाली पेट बार-बार चाय पीना ठीक नहीं है। इससे गैस, जलन, सिरदर्द या बेचैनी बढ़ सकती है। चाय लेनी ही हो तो उसके साथ थोड़ा फल, मखाना या कुछ सूखे मेवे खा लें।
क्या जन्माष्टमी व्रत में दूध पीने की मनाही है
नहीं, जन्माष्टमी व्रत में दूध पीने की सामान्य रूप से मनाही नहीं होती। भगवान श्रीकृष्ण को दूध, दही, माखन और मिश्री अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इसी कारण दूध और दूध से बनी सात्विक चीजें जन्माष्टमी के फलाहार और भोग में विशेष रूप से शामिल की जाती हैं।
व्रत में सादा दूध, केसर दूध या मखाने की खीर ली जा सकती है। दूध में अनाज वाला हेल्थ पाउडर, बिस्कुट या ऐसी कोई चीज न मिलाएं जो फलाहारी न हो। बाजार की फ्लेवर्ड ड्रिंक लेने से पहले उसकी सामग्री जरूर पढ़ें। यदि दूध पचता नहीं है तो दही, छाछ या नारियल पानी बेहतर विकल्प हो सकता है। व्रत केवल दूध पीकर रखना जरूरी नहीं है।
जन्माष्टमी व्रत में सेंधा नमक खा सकते हैं
फलाहार करने वाले भक्त सेंधा नमक खा सकते हैं। सामान्य सफेद नमक और काला नमक व्रत में नहीं लिया जाता। आलू, शकरकंद, साबूदाना खिचड़ी, दही और फलाहारी सब्जी में सेंधा नमक इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुछ लोग जन्माष्टमी पर नमक का पूरी तरह त्याग करते हैं। वे फल, दूध, मखाना, दही और बिना नमक वाले पकवान खाते हैं। यह परिवार की मान्यता और व्यक्तिगत संकल्प पर निर्भर करता है।
जन्माष्टमी व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए
- गेहूं और उससे बनी रोटी, ब्रेड या बिस्कुट
- चावल और सामान्य चावल से बनी चीजें
- दाल, बेसन, सूजी और मैदा
- सामान्य सफेद नमक और काला नमक
- प्याज और लहसुन
- मांसाहार और अंडा
- शराब, तंबाकू और अन्य नशीली चीजें
- पैकेटबंद नमकीन और बिना सामग्री जांचे तैयार खाद्य पदार्थ
- बासी या बहुत अधिक तामसिक भोजन
रात तक व्रत रखने वाले क्या खाएं
यदि आप मध्यरात्रि की जन्माष्टमी पूजा तक व्रत रखने वाले हैं तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। सुबह दूध या फल लिया जा सकता है। दोपहर में दही, मखाना या नारियल पानी लें। शाम को जरूरत महसूस हो तो साबूदाना खिचड़ी, उबला शकरकंद अथवा सेंधा नमक वाला हल्का फलाहार किया जा सकता है।
