Adhik Maas Daan 2023: अधिक मास शुरू हो गया है। इस महीने में दान का विशेष महत्व माना जाता है। इंफोसिस के चेयरमैन एन. नारायण मूर्ति (Infosys Founder Narayan Murthy) और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने इस शुभ अवसर पर तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) में सोने के शंख और कछुए का दान किया। बता दें सोने के कछुए और सोने के शंख का खास महत्व होता है। इन दोनों का ही इस्तेमाल स्वामी अम्मावर के अभिषेक में होता है। इस दान को ‘भूरि’ दान भी कहते हैं। भगवान विष्णु के प्रिय महीने अधिक मास में इन चीजों का दान अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। जानिए अधिक मास में किए जाने वाले दान (Adhik Maas Daan)।
अधिक मास में क्या दान करना चाहिए
शंख का दान
अधिक मास में शंख का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। दरअसल शंख भगवान विष्णु का प्रिय होता है। इसलिए अधिक मास में विष्णु भगवान के मंदिर में शंख दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भगवान श्री हरि की सदैव कृपा बनी रहती है।
कछुआ का दान
अधिक मास में सोने या चांदी की कछुआ मूर्ति का दान भी शुभ माना गया है। शास्त्रों अनुसार भगवान विष्णु ने देवताओं के दुखों को दूर करने के लिए कछुए का अवतार लिया था। इसलिए भगवान विष्णु के प्रिय महीने अधिक मास में कुछए का दान भी शुभ माना जाता है।
पीले वस्त्रों का दान
अधिक मास में जरूरतमंदों को पीले वस्त्रों का दान करना भी शुभ फलदायी होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है।
भोजन का दान
अधिक मास में जरूरतमंदों को भोजन का दान करना भी शुभ माना जाता है। अन्न दान से भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं। इसलिए अधिक मास में अन्न का दान भी जरूर करना चाहिए।
नारियल का दान
अधिक मास में नारियल का दान भी शुभ होता है। इससे घर में खुशहाली और शांति बनी रहती है। नारियल का दान करने से माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है।
