कैसे तय होता है अगला जन्म, कर्म बनते हैं आधार या कुछ और है मसला, गरुड़ पुराण से जानें साफ जवाब

Garuda Purana : पौराणिक ग्रंथ गरुड़ पुराण में भक्ति और अध्यात्म के साथ कई तरह के अनसुलझे सवालों के जवाब भी दिए गए हैं। जैसे सबसे ज्यादा परेशान करने वाला प्रश्न है हमारा अगला जन्म कैसा होगा? आज हम आपको इस सवाल का जवाब गरुड़ पुराण के आधार पर विस्तार से समझाएंगे।

सनातन धर्म में अनेकों धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख देखने को मिलता है। 4 वेद 18 पुराण 6 शास्त्रों के अलावा रामायण, महाभारत के जैसे अद्भुत ग्रंथ भी सनातन परंपरा में शामिल हैं। इन्हीं 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण में हमारे जीवन से जुड़े कई तरह के सवाल और उनके जवाब देखने को मिलते हैं। जैसे - जन्म-मृत्यु, स्वर्ग-नरक आदि को विस्तार से गरुड़ पुराण में समझाया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से उसका फल भी भोगना पड़ता है। आज हम आपको गरुड़ पुराण के आधार से बताएंगे कि कैसे तय होता है हमारा अगला जन्म?

Garuda purana

कैसे तय होता है अगला जन्म?

गरुड़ पुराण की मानें तो मनुष्य के सभी अच्छे-बुरे कर्मों का लेखा-जोखा यमराज के लिखित में होता है। यही कारण है मृत्यु के बाद आत्मा को यमदूत अपने साथ यमलोक ले जाते हैं जहाँ यमराज के सचिव चित्रगुप्त सभी के कर्मों का हिसाब सुनाते हैं।

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