Holika Dahan 2026 Timing Today (होली में आग कब लगेगी), Himachal Cities Holi Mein Aag Lagne ka Time (शिमला, धर्मशाला, मंडी, कुल्लू, सोलन, ऊना में होलिका दहन का सही समय क्या है): आज 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से फाल्गुन मास की पूर्णिमा लगेगी। 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने की वजह से आज यानी 2 मार्च को ही होलिका दहन की तिथि निकली है। यहां आप जान सकते हैं कि हिमाचल प्रदेश के अलग अलग शहरों में आज होलिका दहन का टाइम क्या रहेगा। साथ ही देखें कि आज होली कब जलानी है और होली में आग लगाने का समय क्या है।
आज 2 मार्च का होलिका दहन टाइम हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों में
आज 2 मार्च का होलिका दहन टाइम हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों में
| शाहर | टाइम | देर रात का टाइम |
|---|---|---|
| शिमला | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| धर्मशाला | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| मंडी | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| सोलन | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| कुल्लू | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| मनाली | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| हमीरपुर | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| बिलासपुर | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| ऊना | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| चंबा | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| कांगड़ा | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| पालमपुर | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| नाहन | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| सुंदरनगर | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
| किन्नौर | 6:22 PM से 8:50 PM | 1:23 AM से 2:34 AM |
होलिका दहन कैसे करते हैं
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को विधि-विधान से किया जाता है। सबसे पहले खुले स्थान पर लकड़ी, उपले और सूखी टहनियों से होलिका सजाई जाती है। पूजा से पूर्व स्थान को साफ कर गंगाजल छिड़का जाता है। फिर रोली, अक्षत, हल्दी, फूल और कच्चा सूत लेकर होलिका की परिक्रमा की जाती है। परंपरा के अनुसार कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर लपेटते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इसके बाद नारियल, नई फसल की बालियां (जौ या गेहूं), मिठाई और गुड़ अर्पित किया जाता है। शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित की जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है। अग्नि जलने के बाद लोग उसकी परिक्रमा करते हैं और अपने जीवन की नकारात्मकता, रोग और कष्टों के नाश की प्रार्थना करते हैं। कई स्थानों पर नई फसल की बालियां भूनकर प्रसाद के रूप में बांटी जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है तथा सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
होलिका दहन पर क्या नहीं करना चाहिए
होलिका दहन के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन बिना कारण झगड़ा, कटु वचन या किसी का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बुराई त्यागने और सकारात्मकता अपनाने का पर्व है। शुभ मुहूर्त से पहले अग्नि प्रज्वलित नहीं करनी चाहिए। होलिका में प्लास्टिक, रबर या गंदगी नहीं डालनी चाहिए, इससे पर्यावरण को नुकसान होता है। गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे अग्नि के बहुत पास न जाएं। नकारात्मक सोच, ईर्ष्या और द्वेष की भावना से दूर रहकर श्रद्धा और संयम के साथ पूजा करना ही शुभ माना जाता है।
