Holika Dahan Mein Kya Kya Dalte Hain (होलिका दहन में क्या-क्या डालें): होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं अनुसार इसी दिन प्रहलाद को आग में जलाने वाली होलिका खुद जलकर भस्म हो गई थी जबकि प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ। कहते हैं इसी घटना को याद करते हुए हर साल फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है। इस दौरान होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाई जाती है। फिर विधि विधान पूजा के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका की अग्नि प्रज्वलित की जाती है। यहां जानिए होलिका दहन की आग में किन चीजों को डालना अत्यंत शुभ माना जाता है।
Holika Dahan Me Kya Dale
होलिका दहन में क्या-क्या डालें (Holika Dahan Mein Kya Kya Dalte Hain)
लंबी आयु के लिए: अपनी या आप किसी की लंबी आयु की कामना चाहते हैं उसकी लंबाई का काला धागा नाप लें और उसे दो से तीन बार बराबर लपेटकर तोड़ लें। फिर इस धागे को होलिका दहन की अग्नि में डालें। कहते हैं ऐसा करने से लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
शीघ्र विवाह के लिए: अगर विवाह में देरी हो रही है तो होलिका की अग्नि में हवन सामग्री को घी में मिलाकर डाल दें। इससे विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त हो जाएंगी।
वैवाहिक जीवन के लिए: अगर पति-पत्नी के रिश्ते में किसी भी तरह का मनमुटाव चल रहा है तो इसके लिए घी में 108 बाती भिगो लें और एक-एक कर परिक्रमा करते हुए होलिका दहन की अग्नि में डालें। इससे आपके वैवाहिक जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
आर्थिक समस्या से मुक्ति के लिए: ऐसी मान्यता है होलिका दहन की अग्नि में घी में भिगोए हुए दो बताशे, दो लौंग और एक पान के पत्ते को डालने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
सुख-समृद्धि के लिए: मान्यता है होलिका दहन की अग्नि में अनाज की आहुति देने से घर पर सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसलिए आप भुट्टा, दाल, चावल, गेहूं आदि जैसी चीजें होलिका दहन में जरूर डालें।
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए: यदि आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो एक सूखा नारियल लें और उसमे चीनी और चावल भर लें। इसके बाद इस नारियल या गोले को होलिका दहन में अर्पित कर दें। कहते हैं ऐसा करने से मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है।
होलिका का प्रसाद: होलिका की अग्नि में अन्न के रूप में गेहूं की फसल को भी अर्पित किया जाता है। आप चाहे तो 5 गेंहू की बाली बांध कर होलिका की अग्नि में डाल सकते हैं। जब गेहूं की फसल भून जाए तो उसे निकाल लें। फिर प्रसाद स्वरूप सभी में बांट दें।
