Hariyali Teej Puja Vidhi (हरियाली तीज की पूजा कैसे करें): हरियाली तीज का त्योहार मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड आदि जगहों पर मनाया जाता है। इसे सावन तीज और श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां खूबसूरत वस्त्र पहनकर अच्छे से सजरी संवरती हैं। ये व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस दिन मेहंदी जरूर लगाई जाती हैं क्योंकि इसके बिना ये व्रत अधूरा माना जाता है। फिर शाम में हरियाली तीज की पूजा की जाती है। यहां आप जानेंगे हरियाली तीज की पूजा विधि।
Hariyali Teej Puja Vidhi
हरियाली तीज पूजा विधि (Hariyali Teej Puja Vidhi)
- हरियाली तीज की पूजा से पहले स्नान कर नए कपड़े पहन लें। साथ ही सोलह श्रृंगार जरूर करें।
- इसके बाद पूजा की तैयारी शुरू करें।
- इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।
- माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाती हैं और उनसे अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं।
- इसके अलावा इस दिन भगवान शिव को महिलाएं भांग, बेल पत्र, श्वेत फूल, धतूरा, अक्षत्, गंध, धूप आदि चीजें अर्पित करती हैं।
- शाम में हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है।
- पूजा के समय भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप किया जाता है।
- फिर आरती उतारकर भोग लगाया जाता है।
- इस दिन पति अपनी पत्नी को झूला झुलाते हैं।
हरियाली तीज का पूजा मंत्र (Hariyali Teej Puja Mantra)
“देहि सौभाग्य आरोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
पुत्रान देहि सौभाग्यम देहि सर्व।
कामांश्च देहि मे।।
रुपम देहि जयम देहि यशो देहि द्विषो जहि।।”
हरियाली तीज का महत्व (Hariyali Teej Ka Mahtva)
इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार से सुसज्जित होकर सौभाग्य की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा की जाती है। कई जगह पर इस पर्व को श्रावणी तीज तो कहीं कजली तीज तो कहीं पर मधुश्रवा के नाम से भी जाना जाता है।
