Mahavir Ke Updesh: अहिंसा ही परम धर्म... महावीर जयंती पर पढ़ें ये उपदेश, जीवन में आएंगी खुशियां

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Apr 4, 2023, 07:35 AM IST

Mahavir Jayanti 2023 Read Mahavir Ke Updesh: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि को हर साल महावीर जयंती मनाया जाता है। इस साल यह 4 को है। दरअसल, महावीर जैन धर्म के प्रवर्तक और 24वें तीर्थंकर हैं, जिन्होंने समाज में कल्याण के लिए कई उपदेश दिए हैं। आइए उन उपदेशों को जानते हैं।

Mahavir Ke Updesh In Hindi: भारतीय इतिहास में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का विशेष और सम्मान पूर्ण स्थान रहा है। समाज के सुधार और लोगों के कल्याण के लिए स्वामी ने कई उपदेश दिये हैं। महावीर ने विभिन्न विषयों पर लोगों को जो संदेश दिया है उसे महावीर के उपदेश के नाम से जाना जाता है। उन्होंने धर्म, अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह पर सबसे अधिक बल दिया है। वहीं, त्याग, संयम, प्रेम, करुणा और सदाचार भी उनके प्रवचनों का सार था। तो चलिए जानते हैं भगवान महावीर के समस्त उपदेशों के बारे में।

Mahavir Ke Updesh: अहिंसा ही परम धर्म... महावीर जयंती पर पढ़ें ये उपदेश, जीवन में आएंगी खुशियां

महावीर स्वामी के उपदेश (Lord Mahavir ke Updesh):

अहिंसा: महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म बताया है। उन्होंने अपने उपदेश में कहा है कि किसी के अस्तित्व को मिटाने की अपेक्षा करना गलत है। व्यक्ति को शांति से जीना और जीने देने में ही सभी का कल्याण है। इस संसार में जितने भी जीव हैं उन सबके प्रति दया भावना रखना बेहद जरूरी है।

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