Guru Pradosh Vrat 2024: हिंदू पंचांग अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार पड़ता है। एक बार कृष्ण पक्ष में तो दूसरी बार शुक्ल पक्ष में। 28 नवंबर को मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा क्योंकि ये व्रत गुरुवार के दिन पड़ रहा है। इसलिए ये गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा। मान्यताओं अनुसार इस प्रदोष व्रत को रखने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। जानिए गुरु प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त और पूजा विधि।
Guru Pradosh Vrat 2024 Puja Time
गुरु प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2024 (Guru Pradosh Vrat Puja Muhurat 2024)
| गुरु प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2024 | 28 नवंबर 2024, गुरुवार |
| प्रारंभ | 06:23 ए एम, नवम्बर 28 |
| समाप्त | 08:39 ए एम, नवम्बर 29 |
प्रदोष व्रत की विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)
-इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं और साफ कपड़े पहनने के बाद मंदिर या पूजा वाली जगह को साफ कर लें।
-प्रदोष व्रत पूजा में बेल पत्र, अक्षत, धूप, गंगा जल आदि चीजें जरूर शामिल करें और इन सब चीजों से भगवान शिव की पूजा करें।
-यह व्रत निर्जला या फलाहार लेकर किसी भी तरीके से रख सकते हैं।
-पूरे दिन उपवास करने के बाद सूर्यास्त से कुछ देर पहले शाम के समय दोबारा स्नान करें।
-फिर भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें। गुरु प्रदोष व्रत की कथा सुनें।
-अंत में शिव जी की आरती करके भोग चढ़ाएं।
-इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव को जल जरूर चढ़ाएं।
गुरु प्रदोष व्रत का महत्व (Guru Pradosh Vrat Ka Mahatva)
गुरुवार प्रदोष व्रत को गुरुवारा प्रदोष भी कहते हैं। अगर कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु प्रदोष व्रत जरूर रखें। कहते हैं इस व्रत को करने से गुरु ग्रह मजबूत हो जाता है। इसके अलावा पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए भी ये व्रत रखा जा सकता है।
