Guru Nanak Ji Ke Updesh: गुरु नानक देव सिख धर्म के पहले संस्थापक माने जाते हैं। इन्होंने ने ही इस धर्म की स्थापना की थी। गुरु नानक जी का जन्म कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर हुआ था, इसलिए हर साल इस तिथि पर गुरु नानक जी की जयंती मनाई जाती है। इस दिन को गुरु पर्व के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक जयंती का दिन सिख समुदाय के लिए बहुत खास तरीके से मनाते हैं। गुरु नानक जी ने समाज को बहुत से उपदेशा दिए। उन्होंने समाज को एकता के सूत्र में बांधने का भी काम किया। गुरु नानक जी की जयंती पर गुरु नानक जी के उपदेश को पढ़ना और जानने से जीवन में सकारात्मकता आती है। आइए यहां पढ़ें गुरु नानक जी के खास उपदेश।
Guru Nanak Ji Ke Updesh (गुरु नानक जी के उपदेश)
- अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन होता है इसलिए कभी भी व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए।
- लोगों में आपस में प्रेम, एकता और भाईचारा होनी चाहिए।
- तनाव मुक्त रहकर अपने काम को निरंतर करते रहना चाहिए और हमेशा खुश रहना चाहिए।
- अपनी कमाई का 10वां हिस्सा परोपकार के लिए और अपने समय का 10वां हिस्सा प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए।
- ईश्वर की उपासना करने वाले लोगों को कभी किसी से डरने की जरुरत नहीं पड़ती है।
- कभी भी किसी का बुरा करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए ना ही कोई बुरा काम करना चाहिए।
- गुरु नानक देव अनुसार कभी भी किसी महिला का अपमान नहीं करना चाहिए।
- हमें कभी भी किसी दूसरे का हक नहीं छीनना चाहिए। हमेशा अपनी मेहनत का खाना चाहिए।
- पैसे का स्थान हमेशा जेब में होना चाहिए। उसे कभी भी दिल से लगाकर नहीं रखना चाहिए।
- मानव जीवन का सबसे पहला उपदेश होता है कि आप अच्छे कर्म करे।
