Guru Gobind Singh Ji Photo: सिख धर्म के लोगों के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती बेहद खास होती है जिसे हर साल पौष शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देश भर के गुरुद्वारों में गोबिंद सिंह जी की कविताओं को सुना और सुनाया जाता है। साथ ही उन्होंने जो उपलब्धियां प्राप्त की थी उसके बारे में भी लोगों तक पहुंचाया जाता है। इस दिन जगह-जगह पर लंगरों का भी आयोजन किया जाता है। चलिए गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर देखते हैं उनकी खास फोटोज।
Guru Gobind Singh Ji Photos (Photo Credit - Pinterest.com)
Guru Gobind Singh Ji Photo
श्री गुरु गोविन्द सिंह का जन्म नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी और माता गुजरी के घर हुआ था।
गुरु गोविन्द सिंह के चार पुत्र थे जिनका नाम अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह एवं फतेह सिंह थे।
सिख धर्म के आखिरी गुरु श्री गोबिंद सिंह जी सिख धर्म में कई सकारात्मक परिवर्तन करने के लिए जाने जाते हैं।
वैशाखी के दिन 29 मार्च 1676 को श्री गोविन्द सिंह जी ने सिखों के दसवें गुरु की उपाधि ग्रहण की थी।
उन्होंने सन् 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी।
गोबिंद सिंह जी ने जब खालसा पंथ की स्थापना की थी तब उन्होंने सिख धर्म को पांच ककारों के महत्व को समझाया था। यह पांच ककार थे- केश, कड़ा, कंघा, कृपाण, कच्चेरा।
पांच ककार सिख समुदाय के लोगों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण बताये गए हैं।
सिख धर्म के लोग गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर उनकी शिक्षाओं के द्वारा अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। ये पर्व सिख लोग बेहद ही धूमधाम से मनाते हैं।
