Govind Dwadashi March 2024 Date: मार्च के महीन में कब है गोंविद द्वादशी, जानिए सही डेट और महत्व

Govind Dwadashi 2024 Date: हिंदू धर्म में फाल्गुन महीने का बहुत महत्व है। इस महीने में महाशिवरात्रि से लेकर होली तक सारे त्योहार आते हैं। इसी महीने में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को गोंविद द्वादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कब रखा जाएगा गोंविद द्वादशी का व्रत और क्या है इसका महत्व।

Govind Dwadashi 2024 Date: सनातन धर्म में गोंविद द्वादशी का बहुत महत्व है। यह व्रत फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। घर परिवार में सुख, समृद्धि के लिए गोंविद द्वादशी का व्रत किया जाता है। इस व्रत को नरसिंह द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की पूजा करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन का व्रत रखने से और विधिपूर्वक पूजा करने से संतान सुख की भी प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कब रखा जाएगा गोंविद द्वादशी का व्रत और क्या है इसका महत्व।

Govind Dwadashi 2024 Date

Govind Dwadashi 2024 Date (गोंविद द्वादशी डेट 2024)

गोंविद द्वादशी का व्रत फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन रखा जाता है। मार्च के महीने में गोंविद द्वादशी का व्रत 21 मार्च को रखा जाएगा। इसके अगले दिन 22 मार्च को सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर द्वादशी तिथि का समापन होगा। उसके बाद व्रत का पारण किया जाएगा।

गोंविद द्वादशी पूजा विधि (Govind Dwadashi 2024 Puja Vidhi)

  • गोंविद द्वादशी के दिन सुबह स्नान आदि के बाद भगवान का ध्यान करें।
  • उसके बाद किसी साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और नरसिंह भगवान की मूर्ति स्थापित करें।
  • उसके बाद भगवान विष्णु को फल, फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • इस दिन ‘श्री नरसिंह कवच’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • उसके बाद भगवान को मिठाई का भोग लगाना चाहिए।
  • अंत में आरती करके प्रसाद वितरित करना चाहिए।

Govind Dwadashi Importance (गोंविद द्वादशी महत्व)

सनातन धर्म में गोंविद द्वादशी का खास महत्व है। ये व्रत भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को समर्पित है। इस दिन श्री हरि की पूजा करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। संतान सुख की कामना रखने वाले साधकों के लिए ये व्रत बहुत लाभकारी होता है। पुराणों के अनुसार इस व्रत को समस्त कार्य को सिद्ध करने वाला माना गया है। इस व्रत को करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

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