Gayatri Japam 2025: गायत्री जापम श्रावणी उपाकर्म के अगले दिन मनाया जाता है। ये खास दिन आज यानी 10 अगस्त को है। गायत्री जापम, वैदिक परंपरा का हिस्सा है, जिसमें ब्राह्मण समुदाय पवित्र गायत्री मंत्र का जप करता है। यह आत्मशुद्धि, मानसिक एकाग्रता और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से आप गायत्री मंत्र, गायत्री मंत्र जाप का महत्व, आज जाप का मुहूर्त, विधि सब जान सकते हैं।
गायत्री मंत्र -
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
गायत्री जापम शुभ मुहूर्त-
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:02 ए एम से 04:46 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 04:24 ए एम से 05:29 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 11:37 ए एम से 12:29 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:14 पी एम से 03:07 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:37 पी एम से 06:59 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:37 पी एम से 07:42 पी एम
- द्विपुष्कर योग- 12:09 पी एम से 01:52 पी एम
- निशिता मुहूर्त- 11:42 पी एम से 12:25 ए एम, अगस्त 11
गायत्री मंत्र के जाप का महत्व -
- बुद्धि और ज्ञान की वृद्धि करता है।
- पापों का क्षय होता है।
- मानसिक शुद्धि और एकाग्रता बढ़ती है।
- आत्मा को प्रकाश और चेतना की ओर ले जाता है।
गायत्री जापम कब और कैसे करें?
सूर्योदय के समय सर्वोत्तम माना जाता है। सबसे पहले स्नान आदि कर स्वच्छ और शांत स्थान पर बैठें। ध्यान दें जाप के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही बैठें। अब रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला से 108 बार (या अधिक) जप करें। इस दिन पवित्रता, ब्रह्मचर्य और संयम बनाए रखें।
