Gauri Vrat 2024 Puja Vidhi In Hindi: गौरी व्रत के दिन इस तरह से करें पूजा, जानें पूरी विधि

Gauri Vrat 2024 Puja Vidhi In Hindi: गौरी व्रत मुख्य रूप से माता गौरी को समर्पित व्रत है। इस व्रत में मां गौरी की विधिवत पूजा की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं मां गौरी व्रत की पूजा विधि के बारे में।

Gauri Vrat 2024 Puja Vidhi In Hindi: गौरी व्रत की शुरुआत हर साल आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से होती है। वहीं इस व्रत का समापन आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन होता है। इस साल गौरी व्रत की शुरुआत 17 जुलाई 2024 से हो रही है और इस व्रत का समापन 21 जुलाई 2024 को होगा। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है। मां गौरी व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि आती है। आइए जानते हैं गौरी व्रत रखने की पूजा विधि क्या है।

Gauri Vrat 2024 Puja Vidhi In Hindi (गौरी व्रत पूजा विधि)

  • गौरी व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर लें।
  • उसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • संकल्प लेने के लिए अपने मन को साफ करके एक समय के भोजन के त्यागने का संकल्प लें।
  • उसके बाद साफ मिट्टी से माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा बनाएं।
  • फिर एक कलश के अंदर मिट्टी भरे और जौ के दाने डाले दें। पूरे पांच दिन तक कलश में जल डालते रहें।
  • इस व्रत को आप अपनी इच्छानुसार 1, 3 या पूरे पांच दिन तक कर सकते हैं।
  • इस पूजा में मां गौरी की पूजा लाल फूल अश्वगंधा, कस्तूरी के फूल से की जाती है।
  • गौरी व्रत के दौरान माता को मौसमी फूल चढ़ाया जाता है।
  • अंत में कथा का पाठ करें और आरती करके भोग लगाएं।

गौरी व्रत महत्व (Gauri Vrat Importance)

हिंदू धर्म में गौरी व्रत का खास महत्व है। ये व्रत खासतौर पर गुजरात में सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है। गौरी व्रत को मोरकट व्रत के नाम से भी जाना जाता है। ये व्रत कुंवारी कन्या भी मनवांछित वर की प्राप्ति के लिए करती हैं। गौरी व्रत करने से और विधिपूर्वक पूजा करने से व्रती को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।

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