Gangaur Puja Samagri List In Hindi (गणगौर पूजन सामग्री लिस्ट): गणगौर पूजा प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को की जाती है। इस बार ये तिथि 11 अप्रैल को पड़ रही है। ऐसे में इस साल गणगौर पूजा का त्योहार 11 अप्रैल को मनाया जाएगा। ये पर्व मुख्य रूप से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करती हैं। पूजन के लिए बालू और मिट्टी से गौरा जी की प्रतिमा का निर्माण किया जाता है और लोकगीतों को गाते हुए ये पर्व मनाया जाता है। यहां आप जानेंगे गणगौर पूजा में किन सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी।
Gangaur Puja Samagri List In Hindi
गणगौर पूजा सामग्री लिस्ट (Gangaur Puja Samagri List)
- तांबे का कलश
- काली मिट्टी या होली की राख
- गणगौर माता की प्रतिमा
- दो मिट्टी के बर्तन
- मिट्टी के दीये
- कुमकुम
- चावल
- हल्दी
- मेहन्दी
- गुलाल
- अबीर
- काजल
- लकड़ी की चौकी/बाजोट/पाटा
- लाल या पीले रंग का कपड़ा
- घी
- पूजा थाली
- फूल
- घास
- दो मिट्टी के कुंडे/गमले
- आम के पत्ते
- पानी से भरा बर्तन
- पान के पत्ते
- बेताल और अशोक चले जाते हैं
- गणगौर के कपड़े
- गेहूं
- लकड़ी की टोकरी
- नारियल
- मिठाई
- चावल
- मूंग
- माता की चुनरी
गणगौर उद्यापन सामग्री (Gangaur Udyapan Samagri)
- हलवा
- साड़ी
- सुहाग या सोलह श्रंगार का समान
- पुरी
- गेहूं
- आटा गुण
- हरी घास
गणगौर पूजा का महत्व क्या है (Gangaur Puja Mahatva)
गणगौर महोत्सव विवाहित महिलाओं के लिए बहुत ज्यादा महत्व रखता है। इस दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। तो वहीं अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए ये व्रत-पूजन करती हैं। Gangaur Ke Geet
