Aaj Ganesh Sthapana Ka Muhurat 2026: आज यानी 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। इसी के साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। घरों और पूजा पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यदि आप भी आज बप्पा को घर लाने वाले हैं तो स्थापना के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ रहेगा। गणपति स्थापना और पूजा के लिए आज कुल 2 घंटे 28 मिनट का शुभ मुहूर्त मिलेगा।
गणेश चतुर्थी आज, जानें कब करें गणपति स्थापना, कितनी देर का है मुहूर्त
आज गणेश स्थापना कितने बजे से होगी
आज गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 2 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस तरह भक्तों को भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने और विधिपूर्वक पूजा करने के लिए कुल 2 घंटे 28 मिनट का समय मिलेगा।
मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना और मुख्य पूजा दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है।
गणेश स्थापना मुहूर्त आज 14 सितंबर 2026
| पूजा से जुड़ी जानकारी | समय |
|---|---|
| भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी प्रारंभ | 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे |
| गणेश स्थापना मुहूर्त | सुबह 11:02 से दोपहर 1:30 बजे तक |
| शुभ मुहूर्त की कुल अवधि | 2 घंटे 28 मिनट |
| मुख्य गणेश विसर्जन | 25 सितंबर 2026 |
अलग-अलग शहरों के स्थानीय सूर्योदय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग का समय भी देख सकते हैं।
शुभ मुहूर्त से पहले क्या तैयारी कर लें
गणपति स्थापना का मुहूर्त सीमित है। इसलिए प्रतिमा, चौकी और पूजा सामग्री पहले ही तैयार कर लेना बेहतर रहेगा। चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उसके आसपास फूल, रंगोली और दीपक से सजावट कर सकते हैं। पूजा के लिए दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर, अक्षत, मौली, धूप, दीप, फल और मोदक अपने पास रख लें। कलश स्थापना करनी हो तो जल से भरा कलश, आम के पत्ते और नारियल भी पहले तैयार कर लें।
घर में गणपति की स्थापना कैसे करें
सबसे पहले पूजा वाले स्थान को साफ करें। चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर गणपति बप्पा की प्रतिमा विराजमान करें। प्रतिमा स्थापित करते समय भगवान गणेश का ध्यान करते हुए ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र बोलें।
इसके बाद बप्पा को जल, वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, अक्षत और लाल फूल अर्पित करें। गणेश जी को दूर्वा विशेष रूप से प्रिय मानी जाती है। उन्हें दूर्वा की गांठ और मोदक का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर गणेश चालीसा या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ कर सकते हैं। अंत में परिवार के साथ गणेश जी की आरती करें।
यदि विस्तृत पूजा संभव न हो तो श्रद्धा के साथ दीपक जलाकर फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित करना भी पर्याप्त रहेगा।
गणपति स्थापना के बाद किन बातों का ध्यान रखें
जितने दिनों के लिए गणपति की स्थापना करें, उतने दिनों तक सुबह और शाम नियमित पूजा करें। बप्पा को रोज ताजा भोग लगाएं और आरती करें। अगर आप पूरे दस दिन गणपति नहीं रख सकते तो डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद भी श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया जा सकता है। जिस अवधि का संकल्प लें, उसी के अनुसार पूजा और विसर्जन करें।
गणेश विसर्जन कब होगा 2026
गणेश उत्सव आज 14 सितंबर से शुरू हो रहा है। दस दिनों तक पूजा और उत्सव के बाद मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाएगा। विसर्जन के समय बप्पा से घर की सुख-शांति की प्रार्थना करते हुए अगले वर्ष फिर आने का निवेदन किया जाता है
