Ganesh Ji Ki Katha In Hindi: आज सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya Katha) और सावन सोमवार व्रत (Sawan Somvar Vrat Katha) है। इसी के साथ आज सावन की हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya Katha) भी है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव की पूजा से विशेष लाभ प्राप्त होगा। जो व्यक्ति भी आज व्रत रखेगा वो उस त्योहार की व्रत कथा के साथ भगवान गणेश और बुढ़िया माई की कथा (Ganesh Ji Aur Budhiya Mai Ki Kahani) पढ़ना बिल्कुल भी न भूले। यहां देखिए हर व्रत में पढ़ी जाने वाली गणेश जी की कहानी (Ganesh Ji Ki Kahani In Hindi)।
Ganesh Ji Ki Kahani, Somvati Amavasya Vrat Katha, Sawan Somvar Katha
गणेश जी की कहानी (Ganesh Ji Ki Kahani In Hindi)
गणेश जी की कहानी के अनुसार एक बुढ़िया माई थी वो मिट्टी के गणेश की पूजा करती थी। लेकिन वो मिट्टी के गणेश जी रोज बनाए और वो रोज ही गल जाएं। एक बार उसके घर के सामने एक सेठ जी का मकान बन रहा था। वो बुढ़िया मकान बनाने वाले कारीगरों के पास जाकर बोली कि मेरे लिए एक पत्थर के गणेश भगवान बना दो जिससे मुझे बार-बार उनकी प्रतिमा न बनानी पड़े। मिस्त्री बोले- जितने में हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में अपनी दीवार ना चिनेंगे।
बुढ़िया को गुस्सा आ गया वो बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। बुढ़िया ने जैसे ही ऐसा कहा उनकी दीवार टेढ़ी हो गई। अब वो जितनी बार दीवार बनाते उतनी बार वो दीवार टेढ़ी हो जाती। ऐसा करते-करते शाम हो गई। शाम के समय जब सेठ जी आये तो उन्होंने कहा कि आज कुछ भी नहीं किया।
तब कारीगरों ने बुढ़िया माई की बात बताई उन्होंने सेठ जी से कहा कि एक बुढ़िया आई थी वो कह रही थी मेरा पत्थर का गणेश बना दो, हमने नहीं बनाया तो उसने कहा तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। तब से हम जितनी बार दीवार बना रहे हैं वो सीधी ही नहीं बन रही है। सेठ ने उस बुढ़िया को बुलवाया। सेठ ने कहा बुढ़िया माई हम तेरे लिए सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दे। सेठ ने जैसे ही बुढ़िया को सोने का गणेश गढ़ा दिया वैसे ही सेठ की दीवार सीधी हो गई। हे विनायक जी जैसे सेठ की दीवार सीधी की वैसी सबकी करना।
