गणेश चतुर्थी की संध्या आरती का समय (Ganesh Chaturthi ki Sandhya Aarti ka Samay) गणेश चतुर्थी की शाम की आरती टाइम : परंपरागत रूप से, गणेश चतुर्थी के मुख्य पूजा मुहूर्त के बाद, शाम की आरती घरों और मंदिरों में संध्या (शाम) के समय की जाती है। हालांकि, सटीक "Sandhya Aarti" का समय विभिन्न स्थानों के अनुसार बदल सकता है और यह आमतौर पर स्थानीय मंदिर प्रणाली या आयोजनों पर निर्भर करता है। लेकिन सामान्य तौर पर शाम की आरती का समय शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक हैं।
गणेश जी की आरती यहां पढ़ें -
जय गणेश देवा, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश देवा...
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश देवा...
हार चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करे सेवा ॥
जय गणेश देवा...
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतवारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश देवा...
आरती - ७ॐ इदः हविः प्रजननं मे अस्तु दशवीरः सर्वगणः स्वस्तये।
आत्मसनि प्रजासनि पशुसनि लोकसन्यभयसनि। अग्निः प्रजां बहुलां मे करोत्वन्नं पयो रेतो अस्मासु धत्त ।।
ॐ आ रात्रि पार्थिवः रजः पितुरप्रायि धामभिः । दिवः सदा सि बृहती वि तिष्ठस आ त्वेषं वर्तते तमः ॥
