'रोते हुए आएगी वो यहां..', तो क्या इंदिरा गांधी को लगा था इस मंदिर के पुजारी का शाप? अगले दिन हो गई बेटे संजय गांधी की मौत

Indira Gandhi - Chamunda Temple: मंदिर के पुजारी ने गुस्से में कह दिया था कि इंदिरा गांधी को बोलना कि ये चामुंडा हैं। आम इंसान उनसे हिमाकत करे तो चलता है, लेकिन शासक का अपमान मां बर्दाश्त नहीं करती हैं। देखना एक दिन रोते हुए आएगी वो यहां। 22 जून के अगले ही दिन खबर आई कि इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की विमान हादसे में मौत हो गई।

Indira Gandhi: आज इंदिरा गांधी की 31वीं पुण्यतिथि है। 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी के अपने ही बॉडीगार्ड ने उनकी हत्या कर दी थी। इंदिरा गांधी को उनपर हमले की आशंका की जानकारी दी गई थी। बावजूद इसके उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। इंदिरा गांधी को जानने वाले कहते हैं कि अपने जीवन के अंतिम सालों में वह काफी आध्यात्मिक हो गई थीं। मंदिरों और मठों में जाना अधिक हो गया था। इमरजेंसी के बाद 1980 में जब वह दोबारा प्रधानमंत्री बनीं तो उन्होंने हिमाचल प्रदेश के चामुंडा मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम बनाया। हालांकि वह किसी कारण से तय दिन पर वहां पहुंच नहीं पाई। अगले ही दिन उनके बेटे संजय गांधी की निधन की खबर आई। लोग कहते हैं कि उन्हें चामुंडा देवी का श्राप लग गया था। आइए जानते हैं क्या था पूरा मामला।

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