Ekadashi In March 2024 In Hindi: मार्च में आमलकी एकादशी व्रत (Amalaki Ekadashi Vrat) रखा जाएगा। ये एकादशी हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जब भगवान विष्णु ने सृष्टि के निर्माण के दौरान ब्रह्मा जी को अवतरित किया तो ठीक उसी दौरान आंवले के पेड़ को भी धरती पर जन्म दिया था। इसलिए ये पेड़ भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। कहते हैं आंवले के वृक्ष के हर हिस्से में ईश्वर का वास होता है। यहां जानिए मार्च में आमलकी एकादशी कब पड़ेगी और इसका महत्व क्या है।
Ekadashi Vrat March 2024
मार्च में एकादशी कब है (March Mein Ekadashi Kab Hai 2024)
मार्च में होली से पहले आमलकी एकादशी पड़ेगी। इस एकादशी का प्रारंभ 19 मार्च की रात 9 बजकर 51 मिनट से होगा और इसकी समाप्ति 20 मार्च की रात 11 बजकर 52 मिनट पर होगी। उदया तिथि के अनुसार एकादशी व्रत 20 मार्च को रखा जाएगा।
आमलकी एकादशी का महत्व (Amalaki Ekadashi Ka Mahatva)
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के रूप में जाना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत करने से सैकड़ों तीर्थ दर्शन के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। आमलकी एकादशी को आंवला एकादशी, आमलका एकादशी, रंगभरी एकादशी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु को आंवला चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी क्यों कहते हैं?
इसे रंगभरी एकादशी इसलिए कहते हैं क्योंकि धार्मिक मान्यताओं अनुसार भगवान शिव माता पार्वती को उनके द्विरागमन के बाद काशी लेकर आए थे। इसलिए हर साल काशी के लोग इस एकादशी को माता पार्वती के स्वागत के दिवस के रूप में बेहद ही धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है और इसी दिन से काशी में होली का पर्व शुरू हो जाता है। जो पूरे 6 दिनों तक चलता है।
