सावन में रोज करें इस स्तोत्र का पाठ, खुश होंग महादेव, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

Dwadash Jyotirlinga Strotam: श्रीशिव द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पाठ भक्तिपूर्वक करने से भगवान् शिव के समस्त 12 ज्योर्तिलिंगो के दर्शन करने से जो फल प्राप्त होता है। यहां से आप द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् के संस्कृत लिरिक्स देख सकते हैं। साथ ही स्त्रोत का अर्थ भी यहां हिंदी में विस्तार से समझाया गया है।

Dwadash Jyotirlinga Strotam: पुराणों के अनुसार, भगवान शिव 12 ज्योतिर्लिंग में ज्योति रूप में विराजमान हैं। कहते हैं इनके दर्शन करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, अगर आप ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं तो रोजाना द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् का पाठ करने से भी महादेव प्रसन्न होते हैं। शिवपुराण के अनुसार, जो व्यक्ति इस स्तोत्र का पाठ रोजाना करता है, उसपर 12 ज्योतिर्लिंग की कृपा बनी रहती है।

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् अर्थ सहित (photo source: canva)

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् (Dwadash Jyotirlinga Stotram)

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।

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