Shani Maharaj: शनि देव की नाराजगी से जन्‍म लेती हैं ये बीमारियां, इनका इलाज बेहतर कर्मफल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 24, 2023, 10:27 PM IST

Sade Sati: शनि देव को कर्मफल दाता कहा गया है। ये जातकों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि धीमी गति से चलते हैं, लेकिन इनके चाल से हर जातक प्रभावित होता है। शनि देव नाराजगी में ऐसी गंभीर बीमारी दे देते हैं, जिसका न तो कोई इलाज मिल पाता है और न ही यह जीवन भर पीछा छोड़ता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • शनि देव लोगों को देते हैं उनके कर्म के अनुसार फल
  • शनि देव की नाराजगी से शरीर में जन्‍म लेती कई बीमारियां
  • शनि प्रकोप से होने वाली बीमारी का कोई इलाज नहीं

Shani Sade Sati Effects: ज्‍योतिष शास्‍त्र में शनि देव को कर्मफल दाता कहा गया है। ये जातकों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए इनकी नाराजगी कभी भी मोल नहीं लेनी चाहिए। शनि देव नाराजगी में ऐसी गंभीर बीमारी दे देते हैं, जिसका न तो कोई इलाज मिल पाता है और न ही यह जीवन भर पीछा छोड़ता है। कहा जाता है कि यदि शनि देव के कारण शरीर में कोई बीमारी होती है तो डॉक्टर दवाएं बदल-बदल कर थक जाते हैं, लेकिन उनसे कोई फायदा नहीं हो पाता। शनि देव हमेशा अपनी चाल धीरे-धीरे चलते हैं। ऐसे में जिसकी भी कुंडली में शनी की साढ़े साती होती है। वह उसके कर्मों के अनुसार उसे फल देते हैं। यानि कि जिसने अच्छे कर्म किए हैं उसे अच्‍छा फल मिलता है। वहीं जिसने बुरे कर्म किए हैं उसे बुरे कर्मों का भोग भोगना ही पड़ता है। इसलिए शनि देव सबके बुरे और अच्‍छे कर्मों को नोटिस करते हैं और उसके कर्मों का फल उसे समय आने पर देते हैं।

इन बीमारियों का होता है जन्‍म

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