Shiv Ji Ki Aarti: आज शुक्र प्रदोष व्रत है। इस व्रत में भगवान शंकर की विधि विधान पूजा की जाती है। मान्यता है जो भी व्यक्ति इस व्रत को करता है उसे सुख, सौभाग्य, संपत्ति इत्यादि की प्राप्त होती है। इसके अलावा लंबी आयु और संतान प्राप्ति का सुख भी प्राप्त होता है। जो व्यक्ति कर्ज से जूझ रहा हो उसके लिए भी ये व्रत शुभ फलदायी साबित होता है। लेकिन इस व्रत वाले दिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान शंकर की ये आरती करना बिल्कुल भी न भूलें।
Shiv Aarti: शिव जी की आरती, जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा
शिवजी की आरती: shiv ji ki aarti lyrics in hindi
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा
।।ॐ जय शिव..॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे
।।ॐ जय शिव..॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे
॥ ॐ जय शिव..॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी
॥ ॐ जय शिव..॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे
॥ ॐ जय शिव..॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता
॥ ॐ जय शिव..॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका
॥ ॐ जय शिव..॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी
॥ ॐ जय शिव..॥
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे
॥ ॐ जय शिव..॥
भगवान शिव के मंत्र:
महामृत्युंजय मंत्र-ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
शिव जी का मूल मंत्र-
ऊँ नम: शिवाय।।
