Dhanteras 2022: कौन हैं भगवान धन्वन्तरि? धनतेरस पर जिनकी पूजा से मिलता है आरोग्य का आशीर्वाद

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  • Updated Oct 21, 2022, 05:20 PM IST

Dhanteras 2022: धनतेरस के दिन भगवान कुबेर और भगवान धन्वन्तरि की पूजा की जाती है। धन्वन्तरि को आयुर्वेद का जन्मदाता भी कहा जाता है। आइए आज आपको बताते हैं कि धन्वन्तरि का जन्म कैसे हुआ था और धनतेरस पर इनकी पूजा से क्या लाभ मिलता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • भगवान धनवंतरी को कहा जाता है आयुर्वेद का रचनाकार
  • धनतेरस पर इनकी पूजा से मिलेगा आरोग्य का वरदान
  • भगवान विष्णु के 12वें अवतार हैं धनवंतरी

Dhanteras 2022: इस वर्ष धनतेरस का त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन भगवान कुबेर और भगवान धन्वन्तरि की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यताएं हैं कि धन्वन्तरि भगवान विष्णु के 12वें अवतार हैं। इन्हें आयुर्वेद का जन्‍मदाता भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, धन्वन्तरि कार्तिक मास की त्रयोदशी त‍िथ‍ि यानी धनतेरस के दिन अवतरित हुए थे। इसलिए धनतेरस पर हर साल उनका जन्मदिवस मनाए जाने की परंपरा चली आ रही है। आइए आज आपको बताते हैं कि भगवान धन्वन्तरि का जन्म कैसे हुआ था और धनतेरस के दिन इनकी पूजा से क्या लाभ होता है।

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धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा से होते हैं ये बड़े फायदे

कैसे हुआ भगवान धन्वन्तरि का जन्म?

ऐसा कहा जाता है कि भगवान धन्वन्तरि समुद्र मंथन से पैदा हुए थे। वह समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर निकले थे, जिसके पीछे देवों और असुरों में युद्ध छिड़ा था। श्रीमद्भागवत पुराण, महाभारत और विष्णु पुराण में भी इस समुद्र मंथन का जिक्र मिलता है। एक कथा में ये भी है कि काशी के राजवंश में धन्व नाम के एक राजा ने अन्न देव को प्रसन्न किया था, जिसके बाद उन्हें धन्वन्तरि नामक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। ब्रह्म पुराण और विष्णु पुराण में इस कथा का उल्लेख मिलता है।

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