LIVEधनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की ऐसे करें पूजा, जानें मंत्र

धनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की ऐसे करें पूजा, जानें मंत्र
धनतेरस का पर्व कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की पूजा होती है। कुछ इलाकों में धनतेरस को धन्वंतरि की जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि जी हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन बर्तन खरीदने का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर पूजा करने से घर में धन-धान्य के भंडार हमेशा भरे रहते हैं। बर्तन के साथ-साथ इस खास त्योहार पर नई वस्तुएं सोना, चांदी, कपड़े, वाहन आदि खरीदना भी शुभ माना जाता है।
धनतेरस 2022 पूजा और खरीदारी मुहूर्त (Dhanteras 2022 Puja And Shopping Muhurat): 23 अक्टूबर को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से शाम 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। धनतेरस खरीदारी का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7.51 बजे से दोपहर 12 बजे तक। दूसरा मुहूर्त दोपहर 1:30 से 3 बजे तक। तीसरा मुहूर्त शाम 6 बजे से रात 10:30 बजे तक।
Dhanteras 2022 Date, Puja Muhurat Time Live Updates
धनतेरस पूजा विधि: धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी एवं कुबेर देव की पूजा होती है। धनतेरस पर संध्या के समय उत्तर दिशा की तरफ देव कुबेर और भगवान धन्वंतरि की स्थापना करें। साथ ही माता लक्ष्मी और श्री गणेश की भी मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद दीपक प्रज्वलित करें और विधिवत पूजन प्रारंभ करें। सभी देवी-देवताओं को तिलक लगाएं और पुष्प, फल आदि अर्पित करें। कुबेर देव को सफेद मिठाई तो धन्वंतरि देव को पीली मिठाई का भोग लगाएं। इस पूजा के दौरान 'ऊं ह्रीं कुबेराय नमः' मंत्र का जाप करते रहें। भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस पर धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ भी जरूर करें। इसके अलावा मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी करें। अंत में आरती कर पूजा संपन्न करें।
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कुबेर मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
धनतेरस पर दान से प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी:
हिंदू धर्म में दान का बहुत महत्व है। माना जाता है कि धनतेरस के दिन नई चीजों को खरीदने के साथ ही दान भी करें। इस दिन जरूरतमंद लोगों को वस्त्र बांटने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है वस्त्र दान से धन की देवी मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं।
भगवान धन्वंतरि जी की आरती:
ॐ जय धन्वंतरि देवा, स्वामी जय धन्वंतरि जी देवा, जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।
तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए, देवासुर के संकट आकर दूर किए, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।।
आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया, सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया,स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।।
भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी, आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।
तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे, असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।।
हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा, वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा।
धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे, रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे, स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐजय धन्वन्तरि जी देवा।।
Laxmi Ji Ki Aarti (लक्ष्मी जी की आरती)
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
उमा, रमा, ब्रम्हाणी,
तुम ही जग माता ।
सूर्य चद्रंमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
दुर्गा रुप निरंजनि,
सुख-संपत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्याता,
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम ही पाताल निवासनी,
तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,
भव निधि की त्राता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
जिस घर तुम रहती हो,
ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
सब सभंव हो जाता,
मन नहीं घबराता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम बिन यज्ञ ना होता,
वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान का वैभव,
सब तुमसे आता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
शुभ गुण मंदिर सुंदर,
क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन,
कोई नहीं पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
महालक्ष्मी जी की आरती,
जो कोई नर गाता ।
उँर आंनद समाता,
पाप उतर जाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
भगवान कुबेर की आरती
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे ।॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।दैत्य दानव मानव से,कई-कई युद्ध लड़े ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥स्वर्ण सिंहासन बैठे,सिर पर छत्र फिरे,स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय कार करैं ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥गदा त्रिशूल हाथ में,शस्त्र बहुत धरे,स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।दुख भय संकट मोचन,धनुष टंकार करें ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,स्वामी व्यंजन बहुत बने ।मोहन भोग लगावैं,साथ में उड़द चने ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥बल बुद्धि विद्या दाता,हम तेरी शरण पड़े,स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।अपने भक्त जनों के,सारे काम संवारे ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥मुकुट मणी की शोभा,मोतियन हार गले,स्वामी मोतियन हार गले ।अगर कपूर की बाती,घी की जोत जले ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥यक्ष कुबेर जी की आरती,जो कोई नर गावे,स्वामी जो कोई नर गावे ।कहत प्रेमपाल स्वामी,मनवांछित फल पावे ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
Dhanteras 2022 Puja vidhi - देखें पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त: शाम 5: 44 मिनट से शाम 6:05 तकप्रदोष काल: शाम 5:44 मिनट से रात 8:16 तकवृषभ काल: शाम 6:58 मिनट से रात 8:54 मिनट तक
Dhanteras 2022 - इस योग में करें खरीदारी
यदि आप धनतेरस के अवसर पर कुछ खरीदारी के लिए योजना बना रहे हैं, तो अभी खरीद लें। इस समय त्रिपुस्कर योग बन रहा है। त्रिपुस्कर योग में सिद्धियों का वास होता है। इस दौरान खरीदारी करने से उसमें 13 गुना वृद्धि होती है।
Dhanteras 2022 - निरोगी काया की प्राप्ति
धनतेरस के दिन विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से मां लक्ष्मी की आशीर्वाद अपने भक्तों पर सदैव बना रहता है। तथा इस दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा भी का जाती है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति को निरोगी काया की प्राप्ति होती है।
Dhanteras 2022 Puja vidhi - त्रिपुस्कर योग में करें खरीदारी
धनतेरस के शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज सर्वार्थ सिद्धिय योग और त्रिपुस्कर योग लग रहा है। इस समय त्रिपुस्कर योग चल रहा है। इस दौरान खरीदारी करना शुभ होता है। मान्यता है कि, इससे 13 गुना वृद्धि होती है।
Dhanteras 2022 - धन प्राप्ति के मार्ग में वृद्धि
ध्यान रहे जहां जहां कुबेर निवास करते हैं, वहीं मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद कुबेर महाराज की पूजा करना ना भूलें। साथ ही इस दिन आप कुछ खास उपाय भी करें, इससे धन प्राप्ति के मार्ग में वृद्दि होती है।
Dhanteras 2022 - होती है 13 गुना वृद्धि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरी हांथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसे में इस दिन सोना व बर्तन खरीदना काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, धनतेरस के अवसर पर सोना चांदी खरीदने से इसमें 13 गुना वृद्धि होती है।
Dhanteras 2022 - झाड़ू खरीदना होता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में आभूषण व बर्तन की खरीदारी करने से इसमें 13 गुना वृद्धि होती है। ऐसे में शुभ मुहूर्त में बर्तन व आभूषण खरीदना ना भूलें। साथ ही इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ होता है। झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है।
धनतेरस पर घर के बाहर जलाएं दीपक
घर के बाहर दीये जलाए जाते हैं और घर से निर्धनता दूर करने के लिए अखंड दीप भी जलाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए उनके घर आती हैं। साथ ही, इस दिन घर में मौजूद वास्तु दोष भी दूर होते हैं।
धनतेरस में अष्टधातु की मूर्ति ख़रीदें
धनतेरस के दिन अष्टधातु से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति अवश्य ही ख़रीदें। इस मूर्ति के प्रभाव से नकारात्मकता का नाश होता है और सकारात्मकता में वृद्धि होती है। अष्टधातु से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की पूजा आप दिवाली के दिन करें।
Laxmi Ji Ki Aarti (लक्ष्मी जी की आरती)
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
उमा, रमा, ब्रम्हाणी,
तुम ही जग माता ।
सूर्य चद्रंमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
दुर्गा रुप निरंजनि,
सुख-संपत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्याता,
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम ही पाताल निवासनी,
तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,
भव निधि की त्राता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
जिस घर तुम रहती हो,
ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
सब सभंव हो जाता,
मन नहीं घबराता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम बिन यज्ञ ना होता,
वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान का वैभव,
सब तुमसे आता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
शुभ गुण मंदिर सुंदर,
क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन,
कोई नहीं पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
महालक्ष्मी जी की आरती,
जो कोई नर गाता ।
उँर आंनद समाता,
पाप उतर जाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
वाहन और जमीन की खरीदारी के लिए शुभ दिन है धनतेरस
धनतेरस पर वाहन या फिर जमीन आदि की भी खरीदारी करते हैं। धनतेरस के दिन यदि वाहन खरीदते हैं तो उससे आपको सालभर शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जमीन की खरीदारी से जायदाद में इजाफा होता है।
धनतेरस के दिन करें पीले वस्त्रों का दान
ऐसा कहते हैं कि धनतेरस के दिन किसी ज़रुरतमंद व्यक्ति को यदि पीले वस्त्रों का दान किया जाए तो व्यक्ति को पुण्य प्राप्त होता है। धनतेरस के दिन पीले वस्त्र का दान करना महादान कहलाता है। ऐसा करने करने से व्यक्ति की कुंडली में गुरु भी मजबूत होता है और उसके जीवन का भाग्योदय होता है।
धनतेरस 2022 पूजा मुहूर्त (Dhanteras 2022 Puja Muhurat)
धनतेरस के दौरान लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है। ये मुहूर्त सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है और लगभग 2 घण्टे 24 मिनट तक रहता है। धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से शुरू हो रहा है जिसकी समाप्ति शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगी। वहीं प्रदोष काल शाम 05:33 से रात 08:05 तक रहेगा और वृषभ काल शाम 06:58 से रात 08:54 तक रहेगा।
धनतेरस पर खरीदें पारद यंत्र, मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
जरूर खरीदें पारद श्री यंत्र: यदि आप चाहते हैं जीवन में धन, वैभव और समृद्धि बनी रहे तो इस दिन पारद श्री यंत्र को अवश्य ही खरीदना चाहिए। इस यंत्र से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं जिससे आपके जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं होगा। आप इस यंत्र को घर, ऑफिस या तिजोरी में उत्तर या पूर्व की दिशा की ओर स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा धनतेरस पर अन्य यंत्र श्री धन वर्षा यंत्र, कुबेर यंत्र, महालक्ष्मी यंत्र भी खरीद सकते हैं।
धनतेरस के दिन ज़रूर बरतें ये सावधानियां?
धनतेरस के दिन साफ़ घर में ही भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर भगवान का स्वागत करें। धनतेरस के दिन दिन उधार लेना या उधार देना सही नहीं माना जाता है। धनतेरस के दिन यदि आप कोई बर्तन खरीदते हैं तो घर लाते समय उसे बिलकुल भी खाली न लाएं और उसमें कुछ मीठा ज़रूर डालें। धनतेरस के दिन तिजोरी में अक्षत रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि अक्षत खंडित न हों।