Devshayani Ekadashi Vrat Rules, Niyam, Dos and Do nots (देवशयनी एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए) : हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत इस पौराणिक मान्यता से जुड़ा है कि इस दिन श्री हरि यानी भगवान विष्णु चार मास की निद्रा में चले जाते हैं और इसके बाद मलमास का प्रारंभ होता है। इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। 2023 में देवशयनी एकादशी का व्रत 29 जून को रखा जा रहा है। यहां देखें इस पावन व्रत में आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए।
देवशयनी एकादशी व्रत के नियम
देवशयनी एकादशी व्रत के नियम
- देवशयनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु से जुड़ा है। उनको पीला रंग प्रिय माना जाता है। तो इस पूजा में पीले रंग का भोग, वस्त्र, आदि शुभ रहेंगे। हालांकि भक्तों को पीले रंग की चीजों का सेवन करना मना है।
- देवशयनी एकादशी पर आप भले ही व्रत न रखें लेकिन इस दौरान नाखून, बाल, दाढ़ी आदि काटने या बनाने से बचें। वैसे इस व्रत में साबुन, तेल आदि का उपयोग भी वर्जित होता है।
- देवशयनी एकादशी पर तामसिक चीजों का प्रयोग सही नहीं होता है। प्याज, लहसुन, नॉन वेज आदि से परहेज करें। शराब सिगरेट से भी दूरी बनाएं।
- एकादशी व्रत में चावल खाना मना है। अगर आप व्रत नहीं भी रखते तो भी चावल न बनाएं और न ही खाएं। देवशयनी एकादशी में भी ये नियम लागू होता है।
- देवशयनी एकादशी पर व्यवहार सात्विक रखें। ब्रह्मचार्य का पालन करें। झूठ व कपट से दूर रहें।
- पूजा में तुलसी का प्रयोग करें। विष्णु जी को तुलसी अति प्रिय मानी जाती है।
देवशयनी एकादशी व्रत का मंत्र
ओम नमो भगवते वासुदेवाय
इस मंत्र का जाप श्री हरि के भक्तों को कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला और पाप नष्ट करने वाला माना जाता है।
